सेक्यूलर दलों के कत्ल की तैयारी में ओवैसी की पार्टी

August 4, 2015 6:56 pm0 commentsViews: 417

नजीर मलिक1


मुस्लिम हितों की रक्षा के लिए बनी आल इंडि
या मुस्लिम इत्तेहादुल, मुस्लमीन (एमिम) हिन्दी भाषी क्षेत्रों में सेक्यूलर दलो का कत्ल करने वाली है। मुस्लमानों के विशाल वोट बैंक में एमिम ने जिस तेजी से माहौल बनाया है, उसका खामियाजा आम तौर से कागें्रस, कम्युनिस्ट, सपा, राजद आदि सेक्यूलर दल ही भुगतेगें। इस लिए की मुस्लिम वोट आम तौर से इन्हीं दलो में बंटते हैं। ऐसे में एमिम हिन्दी भाषी क्षेत्रों में जितना वोट काटेगी, ही सेक्यूलर राजनैतिक दलो के ताबूत में उतनी हीं कील ठंकेगी।


छह दशको से हैदराबाद में राजनीति करने वाली अकबरूद्दीन ओवैसी की पार्टी मुस्लिम इत्तेहादुल मुस्लमीन ने अपनी पैठ
मुस्लिम बाहुल्य हिन्दी भाषी क्षेत्रों में शुरू कर दी है। एमिम अध्यक्ष ओवैसी ने अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए हिन्दी प्रदेशो में दखल दे दिया है, उनका निशाना फिलहाल उत्तर प्रदेश के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, बंगाल, व दिल्ली आदि हैं। इन प्रदेशो में एमिम का जनाधार बढ़ रहा है, जाहिर है कि उसके समर्थक भाजपा विरोधी सेक्यूलर दलो को छोड़ने वाले हैं।


खबर है कि एमिम ने उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश सहित वेस्ट बंगाल, दिल्ली बिहार आदि प्रदेशो में अपने पांव जमां लिए हैं। ए
मिम के उत्तर प्रदेश के क्वार्डिनेटर/ मैनेजर सलमान मलिक का कहना है कि उत्तर प्रदेश के 80 में से 67 जिलों में पार्टी का सांगठनिक खड़ा हो गया हैं। 42 जिलो में जिला कमेटियां बन गयी हैं, जिसमें 26 जिलो तक बूथ लेबल कार्यकर्ता तैयार हो चुके है। यूपी में अब तक 9.23 लाख पार्टी सदस्य बन चुके हैं। उनके मुताबिक बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश आदि प्रान्तो में काम जारी है। इसकी पुष्टि यूपी के एमिम प्रवक्ता अदील अलवी भी करते हैं। 


गौरतलब है कि एमिम की बढ़ती ताकत से फायदा किसको मिलेगा ? जवाब में राजनीतिक विष्लेशक विनय कांत मिश्रा कहते है कि एमिम हिन्दी भाषी क्षेत्रों में एक सीट नहीं जीत पाएगी, लेकिन जितने वोट पाएगी वह सेक्यूलर दलो को दफन करने के लिए काफी होगा। बाकी चुनाव में जनता का समर्थन ही सर्वोपरि होता हैं।


इस बारे में एमिम के एक प्रदेश क्वार्डिनेटर/प्रबंधक सलमालन मलिक कहते हैं कि मुस्लमानों दलितों व गरीबों के हित के लिए एमिम की आवाज से तथाकथित सेक्यूलर दलो की पोल खुलना स्वाभाविक है। इस लिए उनकी रूदाली हमारे लिए बेमायने हैं। हमारी पार्टी इन तथाकथित सेक्यूलरो व भाजपा में बहुत फर्क नही पाती हैं। आने वाले दिन में एमिम मजलूमों की आवाज बनेगी।

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