मदरसा शिक्षकों का राज्यांश जारी होने की प्रक्रिया शुरु – आशुतोष पांडेय

September 13, 2018 2:02 pm0 commentsViews: 601

निज़ाम अंसारी 

शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर जिले के  292 मदरसों में कार्यरत 500 मदरसा शिक्षकों को  प्रदेश सरकार से चार माह का राज्यांश मिलने की हरी झंडी मिल चुकी है। आर्थिक तंगी से जबरदस्त तरीके से जूझ रहे मदरसा आधुनिक अध्यापकों के लिए कुछ राहत मिली है

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यांश का बजट जिले पर आ चुका है ।लगातार तीन सालों से केंद्रांश न मिलने से शिक्षकों की स्थित दयनीय बतायी जा रही है। राज्यांश भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मदरसा शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मदरसा शिक्षकों के मानदेय के लिए राज्य और केंद्र के द्वारा अलग-अलग राशि दी जाती है।

नियम के अनुसार तीन वर्ष से केंद्रांश की धनराशि नहीं प्राप्त हुई है। राज्यांश भी गत सत्र में करीब चार माह का नहीं मिला। वहीं इस सत्र में अब तक 4 माह 15 दिन का मिला है। राज्यांश के तहत स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों को 2000, परास्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों को 3000 हजार देय है। वहीं केंद्रांश के तहत स्नातक उत्तीर्ण शिक्षकों को 6000 और परास्नातक उत्तीर्ण 12000 हजार रुपये देय है। इस प्रकार स्नातकधारी शिक्षकों को कुल कुल 8 हजार व परास्नातकधारी एम ए ,बी एड शिक्षकों का मानदेय 15 हजार रुपये मानदेय मिलता है।

हाल ही में सरकार द्वारा नई गाइड लाइन जारी करने के कारण इससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नई गाइड लाइन के अनुसार अब प्रत्येक मदरसों पर तैनात शिक्षकों को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के साथ ग्रुप में फोटो खींचकर अपलोड करने के बाद ही केंद्रांश व राज्यांश की धनराशि मुहैय्या हो सकेगी। मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों ने केंद्रांश व राज्यांश समय से दोनों एक साथ देने की मांग को लेकर बीते 5 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना भी दिया गया था।

नए गाइड लाइन के संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि निदेशालय स्तर से प्राप्त नए नियम के तहत संबंधित मदरसों में पहुंचकर ग्रुप फोटो खींचकर अपलोड कराने के लिए हर संभव कोशिश हो रही है। स्कूलों की संख्या अधिक होने के कारण अधिक समय लगना स्वाभाविक है। केंद्रांश तीन वर्ष से नहीं मिल रहा है। मिलने वाले राज्यांश की धनराशि संबंधित शिक्षकों के खाते में हस्तांतरित करने की  प्रक्रिया जारी है।

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