सत्ता के बेरहम शिकंजे में चीखते अनूप को हत्या के प्रयास के आरोप में जेल भेजा गया

September 15, 2018 1:50 pm0 commentsViews: 1634

— चिल्लूपार की जनता सरकारी अतंक से डरने वाली नहीं, इसके खिलाफ आवाज बुलंद की जायेगी

 

गोरखपुर ब्यूरो

सत्ता के आतंक का शिकार अनूप तिवार

गोखपुर। अनूप तिवारी की चीखें अभी तक कस्बे वासियों के कानों में गूंज रही हैं। एक आम विवाद का आरोपी अनूप बार बार अपने को निर्दोष बताता रहा। पुलिस को उस पर तरस भी आया, मगर मामला सत्ता पक्ष से सम्बन्धित होने के कारण उसे दुबारा हत्या के प्रयास के आरोप में जेल भेज दिया गया। मामला बड़हलगंज क्षेत्र का है। जहां सत्ता ने अपना क्रूर चेहरा दिखाया है।

दरअसल एक सप्ताह पूर्व 23 साल के अनूप तिवारी की बड़हलगंज के करीब लेटाघाट पर एक व्यक्ति से किसी विवाद में हाथापाई हुई थी। वे दो लोग थे, जो अपने को क्रमशः संघ का बड़हलगंज प्रचारक और दोहरी घाट नगर प्रचारक बता रहे थे। हाथापाई के दौरान अनूप और दोनों प्रचारकों को हल्की फुल्की चोटें आईं। इसके बाद सत्ता का खौफनाक खेल शुरू हुआ।

बताया जाता है कि दो प्रचारकों से हाथापाई/मारपीट की शिकायत पुलिस से की गई। बडहलगंज पुलिस ने अनूप को तत्काल पकड़ कर थाने ले आया। इसके बाइ बताते है कि पुलिस के बड़े अफसरों  सत्ता पक्ष ने पर दबाव बना कर अनूप तिवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा कायम करा दिया गया। लेकिन थानाध्यक्ष बड़हलगंज शायद अनूप पर हो रहे जुल्म से द्रवित थे। इसलिए अनूप का 151 में चालान कर दिया, वह जमानत भी पा गया। उनकी मंशा थी कि मामला ठंडा होने पर हत्या के प्रयास वाले मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी जायेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता विंध्याचल पांडेय

वहां के सामाजिक कार्यकर्ता विंध्याचल पांडेय बताते हैं कि संघ और स्थानीय भाजपा नेताओं को इतने से संतोष नहीं हुआ। वही लोग पुलिस पर फिर दबाव बनाने लगे। इसके बाद बड़हलगंज पुलिस ने 13 सितम्बर को सत्ता पक्ष के दबाव में फिर उठा लिया और 14 सितम्बर को उसे उसी फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया। फिलहाल अनूप तिवारी जेल में है।

अनूप तिवारी कोई आसाजिक गतिविधि वाला युवक नहीं था। वह कारोबारी लड़का और संभ्रांत परिवार से था। उसके साथ हुए इस अन्याय से बड़हलगंज निवासियों में बहुत आक्रोश है। शहर में लाग सवाल उठा रहे है कि जब दो पक्षों में हाथापाई? मारपीट हुई तो पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई क्यों की। अनूप और उन दोनों प्रचारकों में कोई ऐसी दुश्मनी भी नहीं थी कि अनूप को उनकी हत्या की कोशिश करनी पड़े।

सत्ता के गुरुर में भाजपा कर रही घिनावने काम- विंध्याचल पांडेय

इस बारे में सामाजिक कार्यकर्ता विंध्याचल पांडेय का कहना है कि इस सरकार में सारे वसूल कानून तोड़े जा रहे हैं।  इस मामले में अनैतिकता और बेरहमी के सारे मापदंड सत्ताधारी दल द्धारा ध्वस्त कर दिये गये।सत्ताधारी दल के दबाव में निर्दोष अनूप तिवारी को “मुलजिम अपराधी” बनाने की पूरी साजिश की जा रही है।

संघ के बड़हलगंज और दोहरीघाट के नगर प्रचारक  से अनजाने में अनूप तिवारी से हल्की  हाथापाई हुई।जिस पर, संघ के दबाव में प्रशासन ने अनूप तिवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास तक का मुकदमा दर्ज कर लिया गया, 2 दिन थाने पर बैठाने के बाद थाना इंचार्ज को लगा यह गलत है एक निर्दोष को इस तरह नहीं फंसाना चाहिए उन्होंने बड़े अधिकारियों से बात कर अनूप तिवारी को 151 में चालान कर दिया गया, मगर  संघ के प्रचारकों को इससे बरी रखा गया।

अंत में उन्होंने कहा कि बड़हलगंज की जनता इसका हर सम्भव प्रतिकार करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का प्रशासन दबाव में आ सकत है, लेकिन चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र की जनता नहीं।  वह ऐसे अत्याचारों के खिलाफ पूरी ताकत से आवाज उठायेगी।

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