अवैध कटानः लकड़ी के बोटे से दब कर अधेड़ की मौत

October 10, 2017 12:03 pm0 commentsViews: 193

. भवानीगंज थानाक्षेत्र के भैंसहिया गांव के पश्चिम चोरी से काटा जा रहा था पेड़

.वन विभाग ने कहा नहीं जारी हुआ है कोई परमिटए हल्का सिपाही ने भी चोरी

से पेड़ काटे जाने की कही बात

 

अजीत सिंह

हादेसे के बाद राजाराम के रोते बिलखते परिजन

सिद्धार्थनगर। भवानीगंज थाना क्षेत्र के भैंसहिया गांव में सोमवार को
ट्राली पर लादे जा रहे लकड़ी के बोटे के नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो
गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए
भेज दिया है।

भवानीगंज थानाक्षेत्र के भैंसहिया गांव निवासी लखन का गांव के पश्चिम
स्थित आम के पेड़ को बयारा गांव निवासी कादिर को बेचा था। पेड़ को कादिर
सोमवार की दोपहर से कटवा रहा था। शाम करीब पांच बजे पेड़ काटकर उसके डाल
को बोटों में तब्दील कर ट्रैक्टर.ट्राली पर लादा जा रहा था। इसी दौरान
पेड़ काटने वालों में शामिल भैंसहिया गांव के राजाराम राजभर जब बोटे
को ट्राली पर लाद रहा था, उसी दौरान बोटा ट्राली से सरक कर नीचे की ओर
लुढ़क गया। जिसके नीचे दबने से राजाराम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद ठेकेदार वहां से फरार हो गया। सूचना मिलते ही घरवालों के
साथ परिजन भी घटना स्थल पर पहुंच गए। बोटे के नीचे दबी लाश को देख हर
किसी के मुंह से आह निकल गई।

इसी दौरान सूचना पाकर मौके पर भवानीगंज थाने
की पुलिस भी पहुंच गई। जिसने ट्रैक्टर.ट्राली और अवैध रूप से काटी गई
पेड़ के लकडिय़ों को सीज कर दिया। परिजनों की तहरीर पर ठेकेदार के खिलाफ
मुकदमा पंजीकृत कर शव को कब्जे में लेकर पोटस्मार्टम के लिए भेज दिया है।

इस संबंध में भवानीगंज थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि
वह सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक्टर ट्राली और लकड़ी को सीज कर
थाने पर ले आया गया है। बिना परमिट के लकड़ी काटवाने वाले ठेकेदार के
खिलाफ मुकदमा दजज़् कर लिया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा
जाएगा। वहीं वन विभाग के फारेस्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आम के
पेड़ कटान के लिए कोई परमिट जारी नहीं हुआ है। अगर चोरी से कटान हो रहा
थाए तो इसके जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा लिखवाया जाएगा।

मौत की खबर मिलते ही घर में मच गया कोहराम
अवैध कटान के दौरान ददज़्नाक मौत मरने वाले राजाराम के परिजनों को जैसे
ही हादसे की खबर मिलीए घर में कोहराम मच गया। राजाराम के बेटे जुगुन और
चिनके ने कहा कि उसके पिता मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाते थे। सोमवार को
भी वह गांव में ही मजदूरी मिलने और जल्द घर लौट आने की बात कहकर हंसीखुषी
घर से निकले थे। मगर उन्हें इस मनहूस घटना की भनक तक नहीं थी। बेटों ने
पेड़ कटवाने वाले ठेकेदार के खिलाफ तहरीर देकर कारज़्वाई करने की मांग की
है।

 

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