नाकारा शासन को बदलने के लिए वोट को हथियार बनाए जनता- आफताब आलम

October 28, 2018 3:24 pm0 commentsViews: 70

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। लोकतंत्र में वोट बहुत बड़ी ताकत है। जब सत्ताधीश नाकारा हो जाता है तो जनता आपने वोट रूपी हथियार से उस पर अंकुश लगाती है। इस बार केन्द्र की भाजपा सरकार ने नाकारेपन की सीमा तोड़ दी है , इसलिए जनता को आने वाले दिनों में मौजूदा सबक सिखाने को तैयार रहना होगा।

यह बातें बसपा नेता व डुमरियागंज के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी/प्रत्याशी आफताब आलम ने कहीं। वह डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम मिठवल, पथरा, सिकहरा, गरदहिया, भैसहिया व बैदौना आदि में जनसम्पर्क के दौरान उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उनके साथ डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र की पूर्व प्रत्याशी सैयदा खातून भी थीं।

इन सभाओं में आफताब आलम ने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार की नीति रीति से पूरा देश की जनता परेशान है। अपराध इतने बढ़ गये हैं कि घर से सुबह निकला व्यक्ति शाम को घर लौटेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। पुलिस कमजोरों, पर अत्याचार, यहां तक की उनका एनकाउंटर तक कर दे रही है, दूसरी तरफ सत्ता के संरक्षण में पले लोग खुद पुलिस वालों को मार रहे हैं। सरकार संरक्षित कई संगठन दलितों, मुसलमानों और पिछडों पर जुल्म कर रहे हैं। सरकार शनै शनै तानाशाही की ओर बढ़ रही है।

आफताब आलम ने कहा कि मोदी और योगी कि सरकार किसानों पर अत्यचार करने पर तुली है। मोदी राज में देश के विभिन्न भागों में लगभग 5000 किसानों ने आत्महत्या की। योगी राज में कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया गया। नरेगा जैसे कार्यक्रम को धीमा कर लाखों गरीबों की मजदूरी के रास्ते बंद कर दिये गये। इन्हीं किसानों के पढ़े लिखे बच्चों को नौकरियां देने के बजाये पकौड़ा बेचने की राय देकर उनकी उम्मीदों का मजाक उड़ाया गया।

उन्होंने दावा किया कि वास्तव में यह जनविरोधी और संवेदनहीन सरकार है। यह आम जनता के लिए धीमा जहर बन कर काम कर रही है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दिया कि अगर आपने आगामी चुनाव में अपने वोट रूपी हथियार का प्रयोग नहीं किया तो इस नाकारा शासन में आप तिल तिल तरने को मजबूर होंगे।

इन सभाओं में पूर्व प्रत्याशी सैयदा खातून ने लोगों से लाकसभा चुनाव में बहुजन समाजपाटी का समर्थन करते हुए कहा कि आफताब भाई जीतेंगे तो क्षेत्र के विकास की गारंटी मै लेती हूं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब आप इस निकम्मी व्यवस्था को बदल कर अपनी तकदीर संवार सकते हैं।

इन सभाओं कार्यक्रम में बसपा नेता सुहेल फारुकी, पट्टूराम आजाद, दिनेश चन्द्र गौतम, शमीम अहमद, शब्लू भाई, मिश्रीलाल गौतम, विजय कुमार, रामकिशोर, इन्द्रजीत, रंजीत गौतम, अकबाल मलिक, बच्चाराम बौद्ध, इरफान, परवेज अहमद, विजयपाल, विनय चौधरी आदि लोग उपस्थित रहे।

 

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