संतुलित भोजन करने से पथरी कि समस्या से आसानी से बचा जा सकता है- डा. सरफराज अंसारी

October 9, 2018 4:50 pm0 commentsViews: 177

निज़ाम अंसारी

शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर। आज कि भाग दौड़ कि जिदगी में किसी को न खाने कि फुर्सत और न ही सोने कि फुर्सत है जहाँ जो पाया खा लिया और जहाँ जगह मिली सो लिया। पर आम आदमी शायद ही जानता है कि उसको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। बिगड़े खान पान कि वजह से आप कभी भी बीमार हो सकते हैं और आप पथरी कि बीमारी से ग्रसित भी हो सकते हैं।

उक्त बातेें शोहरतगढ़ के मशहूर सर्जन डॉ मो० सरफराज अंसारी ने कही। वह कपिलवस्तु पोस्ट से वार्त्ता के दौरान बतायेे कि पथरी होती क्या है ? गुर्दे में पथरी मिनरल्स और नमक से बनी एक ठोस जमावट होती है ये रेत के दाने से लेकर एक टाफी के बराबर हो सकते हैं ।  ये आपके गुर्दे में रह सकती हैं या पेशाब के रश्ते से बाहर भी निकल सकती हैं।

पथरी पेशाब की नली में भी हो सकती हैं। किडनी स्टोन को सबसे दर्दनाक चिकित्सा अवस्था में से एक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भारत की कुल आबादी में से बारह प्रतिशत आबादी को पेशाब की नली में होती है
और पंद्रह प्रतिशत जनसँख्या गुर्दे कि पथरी से ग्रस्त है।

भारत में पथरी कि समस्या का प्रसार ग्यारह प्रतिशत है और महिलाओं के मुकाबले पुरूषों में यह समस्या तीन गुना अधिक होती है। कुल चार तरह के किडनी स्टोन होते हैं पहला [1] कैल्सियम स्टोन [2]उरिक एसिड स्टोन [3] स्त्रुव विट स्टोन [4] सिस्टीन स्टोन।

पथरी के लक्षण

पतली उलटी आना कम पेशाब होना या सामान्य से अधिक बार पेशाब होना मूत्र में धुंधलापन या अजीब तरह का दुर्गन्ध आना, पेशाब करते समय दर्द या पेशाब के रश्ते खून आना, गुर्दे कि पथरी का दर्द आमतौर पर रात
में या सुबह सुबह शुरु होता है यह दर्द आपको लगातार हो सकता है या कुछ मिनट तक होने के बाद गायब भी हो सकता है और कभी यह पथरी पेशाब के रास्ते बाहर  निकल जाता है।

किडनी का परिक्षण तीन प्रकार से कर सकते हैं

1 – रक्त परिक्षण, 2- मूत्र परिक्षण, 3 – अल्ट्रा साउंड, 4 . सी. टी. स्कैन आदि से पथरी का पता आसानी से
किया जा सकता है।

पथरी न होने से कैसे बचा जा सकता है ?

आम तौर पर हमारी जिंदगी में जो भागदौड़ है उन सबके बीच हमें अपने स्वस्थ्य के प्रति सचेत रहने कि आवश्यकता है। समय पर नाश्ता समय पर खाना और समयानुसार सोना भी चाहिए। सबसे जादा जरूरी इस बात कि है कि आप संतुलित मात्रा में भोजन करें रोज गोशत . मछली और अंडा खाने से परहेज करें लगातार कोई खाना न खाएं दाल रोटी चावल के अतिरिरक्त बाकी चीजों को बदल बदल कर खाने से शरीर में किसी ख़ास पदार्थ जमने नहीं पाता है अधिक मात्रा में पानी पियें नमक का प्रयोग कम करें मीट, मछली और अंडे का सेवन कम करें चुकन्दर, चाकलेट, पालक, सी फ़ूड आदि का प्रयोग सीमित मात्रा में करें |

अंत में डॉ मो० सरफराज अंसारी ने बताया कि पथरी से बहुत जादा घबराने कि जरूरत नहीं है उपरोक्त लक्षण जैसे ही मालूम पड़े तुरंत आकर चेक करवाए पथरी
के दस प्रतिशत मामलों में ही ऑपरेसन कि आवश्यकता होती है वरना दो तीन महीने लगातार दवा खाने से पथरी कि समस्या से बचा जा सकता है।

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