संतकबीरनगर से परवेज को टिकट, डुमरियागंज में मुस्लिम उम्मीदवार से परहेज़ कर सकती है कांग्रेस?

March 14, 2019 1:10 pm0 commentsViews: 2507

नज़ीर मलिक

सिद्धार्थनगर।  क्या डुमरियागंज लोकसभा सीट से मुस्लिम कैंडिडेट उतारने से कांग्रेस परहेज़ करेगी,  क्या कांग्रेस पार्टी पूर्व सांसद मुहम्मद मुकीम को किसी रणनीति के तहत टिकट नहीं देने जा रही है? यह सवाल इस वक्त पूरे जिले में चर्चा का विषय है। इस सवाल का जवाब जवाब तलाशने में विपक्षी दल भी कोशिश कर रहे हैं? इसकी वजह संतकबीरनगर जिले से कांग्रेस द्धारा एक मुस्लिम राजनीतिज्ञ को उम्मीदवार बना दिया जाना है।

 परवेज खान ने किया समीकरण में बदलाव?

सूत्रों का कहना है शायद कांग्रेस इस सीट पर अपने कद्दावर नेता और पूर्व सांसद को देने को तैयार नहीं है। राजनीति प्रेक्षक इसकी वजह बताते हुए दलील देते हैं कि कांग्रेस कि सूची में संतकबीरगर सीट से शम्स परवेज़ खान को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। डुमरियागंज लोकसभा सीट संतकबीरनगर सीट से सटी है। टिप्पणीकार बताते हैं कि बस्ती मंडल में कुल तीन लोकसभा सीटें हैं। ऐसे में कांग्रेस दो सीटों पर मुस्लिम कैंडीडेट उतारने का खतरा नहीं ले सकती है।

क्या हार्ड हिंदुत्व से डर रही कांग्रेस?

कांग्रेस के एक बड़े नेता का कहना है कि जब भाजपा के उग्र हिंदुत्व की काट के लिए कांग्रेस साफ्ट हिंदुत्व का कार्ड खेल रही हो तो इन परिस्थितियों मे कांग्रेस अगल बगल की दो सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतार कर हिंदुत्व विरोधी मैसेज देना नहीं चाहेगी। कांग्रेस को डर है कि एक तो उस पर मुस्लिम तुस्किरण का आरोप चस्पा होगा, दूसरे भाजपा से नाराज सवर्ण वोट जो उसके नजदीक आ रहा है, वह फिर छिटक सकता है।

खबर है कि कांग्रेस वर्तमान में डुमरियागंज सीट से किसी अन्य उम्मीदवार खास कर ब्राह्मण प्रत्याशी की तलाश में है। ब्राह्मण कैंडीडेट न मिलने की दशा में वह किसी पिछडे वर्ग के प्रत्याशी घोषित कर सकती है। फिलहाल पिछले हफ्ते से पूर्व विध्रायक पप्पू चौधरी का नाम भी तेजी से उभर कर आया है। वैसे पूर्व सांसद मुहम्मद मुकीम के समर्थकों का दावा है कि राहल जी का पूर्व सांसद को अश्वासन है। इसलिए आखिर में टिकट उन्हीं को मिलेगा।

कौन हैे परवेज खान?

परवेज खान  कांग्रेस के नये कलचर की उपज हैं। वह मुम्बई में कारोबारी और प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के करीबी है और संतकबीरनगर  कांग्रेस कमेंटी के  जिलाध्यक्ष भी हैं। पैसे के साथ उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं। फिलहाल वह टिकट की जंग तो जीतते नजर आ रहे हैं, संतकबीरनगर सीट पर उनका प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस सवाल का जवाब भविष्य में मिलेगा।

कांग्रेस के टिकट पर है विपक्षी दलों की नजर

डुमरियागंज सीट पर कांग्रेस के टिकट को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा और सपा बसपा गबठबंध के लोग भी नजर लगाये हुए है। यदि कांग्रेस यहां से मुस्लिम चेहरा उतारती तो मुस्लिम मतों का विभाजन तय है, और इसका लाभ भाजपा को मिलेगा, क्योंकि गठबंधन से बसपा ने यहां आफताब आलम को उम्मीदवार बनाया है। यह गत लोकसभा चुनाव में इस सीट पर साबित भी हो चुका है। दूसरी तरफ यदि कांग्रेस ने किसी गैर मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया तो फिर भाजपा के मतों में बड़ी सेंधमारी होगी। जो सत्ताधारी दल के प्रति उत्पन्न इंनकम्बेंसी के साथ्र मिल कर भाजपा का नुकसान करेगी। दोनों में से समीकरण क्या बनेगा, उसके लिए  कांग्रेस के टिकट का इंतजार करना होगा।

 

 

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