डुमरियागंज ब्लाक प्रमुख के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा स्थगित, चिनकू यादव की नैतिक जीत

August 22, 2017 1:24 pm0 commentsViews: 1936

डुमरियागंज में भीषण बाढ़ बता कर एसडीएम ने टाली बैठक,  ज़िला प्रशासन बता रहा हालात सामान्य, मामला संदिग्ध, चर्चा ज़ोरों पर  

नज़ीर मलिक

सिद्धार्थनगर। सपा नेता चिनकू यादव के पिता और डुमरियागंज के ब्लॉक प्रमुख मिट्ठू यादव के खिलाफ मंगलवार को होने वाली चर्चा और मतदान अंतिम क्षणों में अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। राजनितिक हमलों में इसे चिनकू यादव की नैतिक जीत माना जा रहा है। बैठक की दूसरी तिथि प्रशासन ने अभी घोषित नहीं की है।
बताया जाता है कि आज 11 बजे डुमरियागंज प्रमुख के खिलाफ चर्चा और मतदान होना था। लगभग 10 बजे एस डी एम राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा किया कि डुमरियागंज बाढ़ से अति प्रभावित है। कर्मचारी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में हैं। कुछ बीडीसी मेंबर भी प्रभावित हैं। ऐसे में बैठक अनिश्चित काल के लिए टाली जा रही है। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में सियासी चर्चाएं तेज़ हो गईं। बैठक स्थगन के पीछे सियासी कारण ढूंढें जाने लगे।

फ़ैसले पर उठी अंगुली

जानकार इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहते है कि यदि बाढ़ वाक़ई बाढ़ थी तो बैठक का स्थगन अंतिम क्षणों में क्यों किया गया। यह घोषणा 24 घंटे पहले भी हो सकती थी। सपा नेता और पार्टी के उपाध्यक्ष अफसर रिज़वी कहते है कि सत्ता पक्ष को यह यक़ीन था कि वह बहुमत जूता लेंगे। इसलिए वे निश्चिन्त थे। माग आज जैसे ही उन्हें महसूस हुआ की उनके पास बहुमत की कौन कहे 30 सदस्य भी नहीं हैं तो उन्होंने प्रशासन पर दबाव डाल कर बैठक को अनिश्चित कल के लिए टलवा दिया।
डुमरियागंज में जनमानस इसे सपा और चिनकू यादव की नैतिक जीत बता रहा है। जमाल उर्फ़ पुत्तन भाई का कहना है है कि प्रशासन यदि बैठक स्थगन के साथ अगली बैठक की घोषणा कर देता तो भी उसकी ईमानदारी पर शक न होता, मगर अनिश्चित काल तक स्थगन का आदेश लोगों के मन में शंका उतपन्न का रहा है। उनकी दलील है कि इस आदेश की ओट में लंबे समय तक वोटरों को बीजेपी के पक्ष में लाने का मौका मिल जावेगा।

कौन झूठ बोल रहा, डीएम या एसडीएम
अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बाढ़ की ओट में टालने को लेकर भो बहस शुरू हो गयी है। दुमरियागं के एसडीएम का कहना है कि ये क्षेत्र बाढ़ से अति प्रभावित है। दूसरी तरफ जिलाधिकारी कुणाल सिलकु की प्रेस नॉट में लगातार कहा जा रहा है कि डुमरियागंज में बाढ़ का सबसे कम प्रभाव है। खास कर डुमरियागंज ब्लॉक के 6 गाँव से अधिक मैरूंड नहीं है। ज़ाहिर है कि अपने बयान से एसडीएम (राजेंद्र प्रसाद) डुमरियागंज अपने ही डीएम को गलत साबित का रहे हैं।
कुल मिला कर अगली बैठक चाहे जब हो, लेकिन बैठक स्थगन के बाद के माहौल से ये तो पता चल ही गया है कि सियासी जंग के पहले मोर्चे पर नैतिक जीत सपा और चिनकू यादव की ही हुई है।

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