डुमरियागंज लोकसभा सीटः विपक्षी गठबंधन में नये मोड़ के संकेत, हाजी मुकीम से मिले राहुल गांधी

July 30, 2018 3:46 pm0 commentsViews: 2303

 

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। लगता है कि डुमरियागंज लोकसभा सीट पर कुछ दिनों में भूचाल आने वाला है। पिछले दिनों कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद हाजी मो.मुकीम के बीच हुई मुलाकात के बाद आगामी भचाल की पटकथा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि अब मोण् मुकीम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और वो चुनाव जरूर लड़ेंगे।

बता दें कि जब विपक्ष में गठबंधन की कवायद शुरू हुई थी तो बसपा नेता यहां जम कर मेहनत कर रहे थे। उनको यकीन था कि इस सीट पर गत चुनाव में बसपा को दूसरा स्थान हासिल हुआ था। इसलिए गठबंधन के वसूल के मुताबिक यह सीट बसपा को जायेगी। उन्हें बसपा नेतृत्व से टिकट का आश्वासन भी मिला था, इसलिए पूरी ताकत से लगे हुए थे। वह मुस्लिम व सपा के पिछड़े और बसपा के दलित वोटों के सहो जीत की जमीन तैयार कर रहे थे।

और भी थे आफताब के मुकाबिल में

दूसरी तरफ पीस पार्टी के अध्यक्ष डा. अयूब, सपा के मोस्ट सीनियर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और कांग्रेस से पूर्व सांसद मो. मुकीम भी इस सीट से टिकट के लिए राजनीतिक चालें चल रहे थे। पिछले दिनों एक चर्चा यह उड़ी की इस सीट को डा. अयूब को दी जायेगी, चर्चा का आधार यह था कि डा. अयूब पीस पार्टी के अध्यक्ष हैं, इसलिए उनका दावा जरूर माना जायेगा। अभी लोग इस सत्यता की जांच पड़ताल कर ही रहे थे कि राहुल और मो़ मुकीम की मुलाकात ने नये संकेत दे दिये।

हालांकि पूर्व सांसद मुकीम इस मुलाकात के दौरान हुई बातों का खुलासा नही कर रहे हैं, लेकिन उनके बेहद करीबी सूत्रों का कहना है कि दोनों में बस्ती मंडल की लोकसभा सीटों पर लेकर चर्चा हुई। खबर है कि राहुल गांधी ने उन्हें डुमरियागंज सीट से चुनाव लड़ने का सिग्नल दे दिया है। राहुल गांधी जैसे नेता के ठोस अश्वासन से  को हलके मे नहीं लिया जा सकता। यह अश्वासन आने वाली रालनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

क्या है मुकीम को आश्वासन का राज?

राजनीतिक विश्लेष्कों के अलुसार अगर राहुल ने पूर्व सांसद मुकीम को अश्वासन दिया है तो इसके दो ही कारण हो सकते हैं। पहला यह कि कांग्रेस की सपा बसपा से गठबंधन की उम्मीद खत्म हो गई हैं। सह बात इसलिए भरोसे के लायक है , कयोंकि राहुल ने मुकीम साहब से मंडल की सीटों पर भी उनकी राय जानी है। दूसरी बात गठबंधन से टिकट की हो सकती है, मगर यह जंचती नहीं। इसलिए कि वहां कई बडे नेताओं ने टांग अड़ा रखी है और राहुल गांधी इन सबसे नहीं लड़ सकते, क्योकि मुकीम सहब जैसे प्रदेश में ऐ दर्जन करीबी भी भी टिकट आस लगायो हैं, राहल इन सबके लिए गठबंधन नेताओं पर दबाव नहीं डाल सकते। फिलहाल संकेत है कि कांग्रेस गठबंधन में नही जा रही और मुकीम साहब आगामी चुनाव में विरोधियों से दो दो हाथ की तैयारी कर रहे हैं।

 

 

 

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