exclusive- बसपा की बैठक के बाद बस्ती मंडल समेत पूर्वांचल की कई सीटों पर मिले टिकट के संकेत

March 27, 2018 1:30 pm0 commentsViews: 2522

— डुमरियागंज पर फंस सकता है पेंच, डा. अयूब जा सकते हैं संतकबीर नगर, महाराजगंज से गणेश पांडेय का लड़ना तय

 

विशेष संववददाता

लखनऊ। राज्य सभा चुनावों में हारने के बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने सोमवार को पहली बार पार्टी विधायकों और नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मायावती ने समाजवादी पार्टी के साथ 2019 में गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया। इसका बैठक में मौजूद लोगों ने स्वागत और समर्थन किया। इसके बाद ही पूर्वांचल के कई सीटों पर टिकट की तस्वीर भी उभरने लगी।

इस दौरान बैठक में मौजूद बसपा विधायक सुखदेव राजभर ने बाहर बताया कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने सपा और बसपा में जमीनी स्तर पर तालमेल बनाने को कहा है। मायावती जी ने जोनल कोऑर्डिनेटरों समेत सभी वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई थी। इसमें सपा-बसपा गठबंधन को लेकर फीडबैक भी लिया गया। इस दौरान बैठक में मौजूद एक बड़े नेता ने गठबंधन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बैठक के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश की कई महत्वपूर्ण सीटों के बारे में सियासी संकेत भी मिलने लगे हैं।

माता पांडेय की दावेदारी कमजोर पड़ने के संकेत

बैठक  के बाद छन छन कर बाहर निकली खबरों में मुताबिक मायावती ने संकेत दिया है कि गठबंधन के तहत 2014 में जीती हुई सीटें उन दलों के पास रहेंगी। हारी सीटों में जहां जिस पार्टी का उम्मीदवार दूसरे नम्बर पर था,, वहां से वही पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी। इस लिहाज से जिले की डुमरियागंज सीट से सपा के दिग्गज नेता माता प्रसाद्र पांडेय का टिकट खतरे में देखा जा रहा है। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण सीटों पर आपसी तालमेल से इस सिद्धांत से इतर भी फैसयला लिया जा सकता है।

लखनऊ के सियासी गलियारे में कई सीटों पर चर्चा

लखनऊ के गलियारों में तैर रही खबरों के अनुसार बता दे कि गोरखपुर और फूलपुर की सीट जीतने के बाद कार्यक्रताओं के बुलंद हौसलों के बल पर अब गठबन्धन की उम्मीदें भी परवान चढ़ रही है और बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है। इनमें कई जगहों का परिदृश्य स्पष्ट होने लगा है।

खबर है कि पूर्वांचल के बड़े सियासी परिवार के दो दिग्गज पूर्व सांसद कुशल तिवारी और विधानसभा के पूर्व सभापति  गणेश शंकर पांडेय के संतकबीरनगर और महराजगंज सीट से लडाने की बात सियासी जानकार तय मान कर चल रहे हैं।  वहीं योगी का किला ढहाने वाले प्रवीण निषाद को एक बार फिर गोरखपुर से लड़ाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो बांसगांव सुरक्षित सीट पर बसपा का दावा मजबूत है तो देवरिया और सलेमपुर पर सपा की साइकिल दौडेगी

डा. अयूब को दी सकती है संतकबीर नगर सीट

बलिया सीट जहाँ बसपा के खाते में तो बगल की घोसी सीट मुख्तार के परिवार से कोई लड़ सकता है

अंतिम फैसला तो आलाकमान को ही करना है लेकीन गठबन्धन बना तो ये तय है कि गठबन्धन की सुनामी में बहुत सुरमा बह जाएंगे। खबर है कि गठबंधन के तहत संतकबीर नगर की सीट बसपा अध्यक्ष डा. अयूब के लिए छोड़ी जा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो बसपा कुशल तिवारी के लिए दोनों मंडलों में सर्वाधिक सुरक्षित सीट मांगेगी। हालांकि पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने उनके लिए डुमरियागंज सीट छोड़े जाने सम्बंधी बयान दिया है। इससे इस सीट पर बसपा, सपा और पीस में तगड़ी रस्साकशी भी हो सकती है।

 

 

 

 

 

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