मस्जिद में ठोकावत रहलू” गाने से नाराजी, आखिर कब तक करेंगे मुस्लिम समाज का चरित्र हनन

September 14, 2018 11:34 am0 commentsViews: 1601

नज़ीर मलिक

सिद्धार्थनगर।मुसलमान, उनके धर्म और धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ एक मुहिम छिड़ गई लगती है।  मुसलमानों को गाली देने और बदनाम करने का ठेका फिल्मी और कैसेट की दुनियां ने संभाल रखा है। “मस्जिद में हमसे ठोकावट रहलू” इस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है। इससे पहले भी इस प्रकार के गाने र्मोट में उतारे जा चुके हैं। इसे लेकर मुस्लिम समाज में बहुत आक्रोश है। लोगों ने इस गाने पर पाबंदी लगााने की मांग की है।

बता दें कि हाल में मार्केट में एक ताज़ा आडियो/ वीडियो कैसेट आया है।  गाने के बोल है की ” याद करा रतिया तू आवत रहलू, महजीद में हमसे ठोकावट रह्लू।” इस गाने ने मुस्लिम समाज को बेचैन कर दिया है। गाने को स्वर दिया है गनेश सिंह ने। यह आडियो कैसेट प्यारे फिलम के बैनर तले रिकार्ड किया गया है।  इस गाने का साफ अर्थ है कि नायिका मस्जिद में नायक से रात में सम्भोग करती है।

मुसलमानों की नजर में ये बहुत आपत्तिजनक और दुखदाई है करतूत है।यह कोई पहला वाकया नहीं हैं, जब इस प्रकार के गाने के माध्यम से किसी धर्म की आस्था पर चोट की गई हो।  मोदी सरकार बनने के बाद ऐसा ही एक और गीत मार्केट में आया था, जिसके बोल थे “लहंगा में घुस के नमाज़ पढ़े ला।“ आज पूरे प्रदेश में इसी तरह के गाने मार्केट में बज रहे है, मगर सरकार इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे इन मुस्लिम विरोधी तत्वों के हौसले काफी बुलंद हैं।

आज इस गाने को प्रदेश के विभिन्न खित्तों में अक्सर बजते सुना जाता है। इस गाने से समूचे मुस्लिम समाज में बहुत नाराजी है। सिद्धार्थनगर के आल इंडिया मुस्लिम इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रदेश प्रभारी अली अहमद कहते हैं की योगी सरकार में ये एक दुर्भाग्यूर्ण घटना है, जो मुसलमानों को बदनाम करने के लिए चलायी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस गाने को लेकर सरकार की  चुप्पी बेहद खतरनाक है। सरकार को इस पर फौरन प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

बता दें कि मुसलमानों में पैगम्बर और मस्जिद की छवि को धूमिल करने की कोई भी कोशिश असहनीय मानी जाती है। ये सरकारें भी मानती हैं। ऐसे में “लहंगे में घुस के नमाज़ पढ़े ला“ वाले कैसेट के बाद “मस्जिद में हमसे ठोकावट रहलू” जैसा गाना मुसलमान ही नहीं समूचे इस्लाम की बेहुरमती करता है।इस बारे में शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डाक्टर एम् एस अब्बासी कहते हैं की सरकार को फौरन इस गाने को संज्ञान में लेकर इस पर बैन लगाना चाहिए।

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