आश्चर्यः मोती सागर का द्धिलिंगी शिवलिंग दुनियां में अनूठा है, एक बार देखिए तो सही

February 13, 2018 4:25 pm0 commentsViews: 255

अमित श्रीवास्तव

सिद्धार्थनगर, मिश्रौलिया। बांसी तहसील के उत्तरी छोर पर चेतिया बाजार के पूरब में स्थित ऐतिहासिक मोतीसागर शिव मन्दिर पर यू तो प्रति सोमवार को कई गावों के लोग जल चढ़ाते है। लेकिन शिव रात्रि के दिन शिव भगवान को जल चढाने की अलग ही बात है। इस शिव मन्दिर पर शिवरात्रि के दिन हजारों महिला पुरुष श्रद्धालू  दूर दूर से आकर मोतिसागर शिव मन्दिर पर जलाभिषेक करते है और मनौती मानते है।

आधी रात से ही मन्दिर प्रगाढ़ में महिला पुरुष भक्तो की भीड़ लगने लगती है। शिवरात्रि के दिन मन्दिर परिसर में भगवान शिव के भक्तों ने बोल बम का नारा लगाते हुए जलाभिषेक किया। इस मंदिर पर आने वाले भक्तो का कहना है की यह ऐतिहासिक मन्दिर है। हमलोग यहाँ जो भी भगवान भोले नाथ से प्रार्थना करते है भगवान उसको पूरा करते है। आपको बताते चले यह मोतीसागर मन्दिर पुराने समय से ही भक्तो के आस्था का केंद्र रहा है।

इस मन्दिर के भक्तों का कहना है कि मन्दिर में जो शिवलिंग है वो दो लिंगी है ऐसा शायद ही किसी मंदिर में हो। इस शिव मंदिर की सबसे बड़ी पौराणिकता यह है कि इसमें स्थापित शिवलिंग जमीन से स्वयं निकला है न कि किसी ने स्थापना करायी है। शिव लिंग के अर्घ को जितना भी ऊपर किया जाता है शिव लिंग भी अपने आप उतना ऊपर उठ जाता है।जिसे लोग भगवान भोले नाथ की कृपा मानते है।

क्षेत्रीय भक्तों के प्रयास से मन्दिर की साफ सफाई और भारी भीड़ को शांति पूर्वक जलाभिषेक करने में मन्दिर पर आने वाले भक्तों को आसानी हो रही।

मोती सागर शिव मन्दिर पर भारी भीड़ को देखते हुए सुबह से ही चेतिया चौकी इंचार्ज अनुज यादव एक महिला कांस्टेबल सहित तीन कांस्टेबलों के साथ लगे रहे।इस मंदिर पर लगे मेले का थानाध्यक्ष मिश्रौलिया पंकज सिंह ने भी फ़ोर्स के साथ निरीक्षण किया और अपने मातहतो को सख्त सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिया

।मोतीसगर शिव मन्दिर के समूह के सदस्य अजय तिवारी,राधेश्याम गुप्ता,जयहिंद चौरसिया,भुवाल पटवा,राकेश गुप्ता, योगेन्द्र प्रसाद मिश्र,राजन तिवारी,लल्ला चौरसिया,धर्मेन्द्र,अमर श्रीवास्तव,गुड्डू सिंह,अमित श्रीवास्तव,अखिलेश गुप्ता आदि सैकड़ो श्रद्धालू भोले नाथ के दरबार में लगे रहते है और जो भी भक्त जलाभिषेक के लिए आते है उन्हें लाइन लगवाकर शांति के साथ जलाभिषेक करने में भगवान मोतिसागर के भक्तों की सेवा करते है।

 

 

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