डुमरियागंजः मु. मुकीम बनाम जिप्पी तिवारी के चक्कर में आत्मघात तो नहीं कर रही कांग्रेस?

April 15, 2019 12:44 pm0 commentsViews: 2756

नजीर मलिक

पूर्वी यूपी की डुमरियांगज संसदीय सीट पर कांग्रेस के टिकट का मामला रहस्यमय पेचीदगियों का शिकार बना हुआ है। इस सीट से मंगलवार से नामांकन की प्रकिया शुरू होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी की सुस्ती अब समर्थर्कों को खलने लगी है। लगता है कि पूर्व सांसद  मुहम्मद मुकीम को टिकट देने की घोषणा के बाद से दिल्ली में शतरंज की कोई और बिसात बिछने लगी है। लिहाजा जनता में संशय व भ्रम की स्थिति बनने वाली है। इससे कांग्रेस को नुकसान भी हो सकता है।

12 अप्रैल को मु. मुकीम बने थे उम्मीदवार

आप को बताते चलें कि गत 12 अप्रैल को तमाम विचार विमर्श के बाद पूर्व सांसद मुहम्मद मुकीम को कांग्रेस ने इस सीट से उम्मीदवार बनाने का निर्णय ले लिया था और अधिकारपत्र बाद में भेजे जाने की बात कह कर उन्हें क्षेत्र में जाने को कह दिया गया था। यह बात राहुल गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने पूर्व सांसद को खुद बताई थी। कपिलवस्तु पोस्ट ने मु. मुकीम सहित दिल्ली के कई अन्य श्रोतों से इसकी पुष्टि भी की थी। फिर आखिर क्या हुआ कि नामांकन तिथि सर पर आ जाने के बावजूद अधिकारपत्र आने की कौन कहे, उल्टे मुकीम का टिकट बदले जाने की बात सामने आने लगी।

क्या है जिप्पी तिवरी का प्रकरण

बताया जाता है कि कांग्रेस ने पहले इस सीट से किसी ब्राह्मण नेता को उम्मीदवार बनाने का मन बनाया था, लेकिन ब्राह्मण क्षत्रपों की आपस की मारकाट को देखते हुए अन्ततः फिर से मु. मुकीम के नाम की घोषणा करनी पड़ी,, लेकिन इस घटना के दूसरे ही दिन से भाजपा नेता और पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी का नाम उछलने लगा। उनके समर्थक गाड़ियों से लखनऊ रवाना हो गये। यही नहीं उस खेमे से सोमवार यानी आज 9 बजे स्वागत समारोह की भी घोषणा कर दी गई। लेकिन प्रेम प्रकाश उर्फ जिप्पी तिवारी का टिकट पाना तो दूर, उन्हें कांगेस में शामिल होने से भी महरूम रहना पड़ा।

क्या हैं डुमरियागंज के ताजा हालात

इस बारे में पूर्व विधायक जिप्पी तिवारी व पूर्व सांसद मु. मुकीम खेमे के अपने अपने तर्क हैं। पूर्व सांसद के खेमे का कहना है कांग्रेस आला कमान ने उनके टिकट की घाषणा की है, इसलिए मुकीम साहब ही कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। दूसरी तरफ जिप्पी तिवारी खेमे का कहना है कि प्रियंका गांधी की चुनावी व्यस्ततः के कारण उनके नाम की घोषणा नहीं हो सकी, मगर यह जल्द ही हो जाएगी। जब की तटस्थ लोगों का कहना है टिकट चाहे जिसको मिले, लेकिन अब इतनी देर हो चुकी है कि कुछ भी सकारात्मक नहीं रह गया है।

राजनीतिक प्रेक्षकों की नजर में

अगर डुमरियागंज के राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो  पूर्व सांसद मुकीम के पक्ष में टिकट की मौखिक घोषणा के बावजूद अगर किसी अन्य दल का नेता टिकट के दावे के साथ कांग्रेस में शामिल होने जाता है तो अर्थ साफ है कि अंदरखाने में कुछ और चल रहा है, जिससे आम आदमी वाकिफ नहीं है। इन जानकारों का कहना है कि कांग्रेस का डुमरियागंज के बारे में ढुलमुल रवैया स्वयं कांग्रेस के लिए आत्मघाती हो सकता है। फिलहाल आने वाले दो दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके बाद कांग्रेस में बहुत कुछ घटित हो सकता है।

टिकट चाहे जिसको मिले नुकसान कांग्रेस का

इन जानकारों का कहना है कि मुकीम के दो समर्थक वर्ग हैं। जिनमें मुस्लिम बड़ा वर्ग है।इसके अलावा ब्राह्मण भी उन्हें खासा वोट देते हैं। ऐेसे में अगर कांग्रेस उनको टिकट नहीं देती है तो मुस्लिम कांग्रेस से छिटक सकता है। दूसरी तरफ जिप्पी तिवारी को आगे बढा कर फिर उन्हें इग्नोर किया जाता है तो ब्राह्मण मतदाता नाखुश हो सकता है। ऐसे में टिकट अब चाहे जिसको मिले कांग्रेस के  बचे खुचे वोट में टूट की पूरी आशंका है।

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