कोरोना वारियर्सः कोरोना से लड़ने वाले अच्छे अफसरों में शुमार हैं तहसीलदार शोहरतगढ़

May 4, 2020 1:23 pm0 commentsViews: 339

 

निजाम अंसारी

शोहहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस को लेकर जहां पूरे देश में लाकडाउन है। केंद्र व प्रदेश सरकार बचाव के सारे तरीके अपना रही है। इस दौरान जिलों और तहसील स्तर पर कुछ अधिकारी बेहतर काम कर रहे हैं। जिनमें शोहरतगढ़ तहसील के तहसीलदार राजेश अग्रवाल को भी शुमार किया जा सकता है।

मालूम हो कि शोहरतगढ़ के युवा तहसीलदार राजेश अग्रवाल का कोरोना की इस महामारी में काम करने का तरीका औरों से अलग दिखता है। फ्रंट लाइन पर रहने की आदत और ज्यादा से ज्यादा जोखिम उठाकर ज्यादा से ज्यादा रिस्पांस रेट बनाते हैं। इन्हें तो न खुद की फिक्र है न परिवार की चिंता, यह कब कहा पहुंच जाएंगे, इनके मातहत भी नहीं जान पाते। सूचना मिलते ही क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक कोरेन्टीन सेंटर्स पर रोजाना का रिपोर्ट और उनके खाने पीने रहने की बेहतरीन व्यवस्था, उन्हें योगा कराना, उनको कोरेन्टीन के अवसाद से बचाने के लिए उनसे चर्चा करना आदि शामिल है।

अभी बीते 24 घंटों में मुम्बई से आये सैकड़ों लोगों को कोरेन्टीन कराया गया है। कोरेन्टीन सेंटरों पर पढ़ने वाले छात्रों को ऑनलाइन क्लास करवाकर उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना। राजेश अग्रवाल के अधीनस्थ कर्मचारी तहसील क्षेत्र में तैनात राजस्व विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मी हमेशा एलर्ट रहते हैं। इसी क्रम में गत रात तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल ने चिल्हिया थानाक्षेत्रों के 2 क्वॉरेंटाइन सेंटर का निरीक्षण किया। यह मौजूद कर्मियों से वार्ता के उपरांत वे इंडों-नेपालबॉर्डर एरिया में निरीक्षण के लिए निकल गए।

क्वॉरेंटाइन सेंटरों के निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने कहा कि जिले से लेकर तहसील ब्लाक तक के जिम्मेदार कर्मचारी अधिकारी आप व आपके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। लाक डाउन का पालन कराया जा रहा है। बचाव के सभी तरीकों को बार-बार बताया जा रहा है। आप आपका परिवार व समाज तभी पूर्ण रूप से सुरक्षित होगा रहेगा जब आप स्वयं जागरूक होंगे व लोगों को जागरूक करेंगे।

जिले में धारा 144 लगी हुई, सभी को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना है। यदि आप प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं तो इसका तात्पर्य है कि अपने परिवार को धोखा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तहसील क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को कोई दिक्कत है तो हमारे व्हाट्सएप या फोन नम्बर पर शिकायत करें, उसका निस्तारण किया जाएगा। बताते चलें कि राजेश अग्रवाल किसी भी सूचना और प्रार्थना पत्र की तत्काल सुनवाई करते हैं। वे बताते है कि बचपन से ही उनमें लीडरशिप की आदतहै। नेतृत्व की इसी क्षमता के कारण आज जनपद में उन्हें अलग मुकाम हासिल है।

 

 

 

 

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