गुलाम नबी ने वर्करों की ली जम कर खबर, बोले- विजिंग कार्ड छपवा कर दुकानदारी करना बंद करें कांग्रेसी

October 27, 2018 6:06 pm0 commentsViews: 536

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। शनिवार को कांग्रेस के दो दिग्गज नेता सिद्धार्थनगर शहर में थे। मुख्य अतिथि के तौर पर कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलम नबी आजाद थे तो विशिष्ट अतिथि के तौर पर संजय सिंह और उनकी पत्नी अमिता सिंह। वे यहां कार्यकर्ता सम्मेलन में आये हुए थे। सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल की बात कही। उन्होंने कांग्रेसियों को फटकारा और ललकारा भी। वे फिलहाल कांग्रेस वर्करों को आक्सीजन देने में कामयाब रहे, लेकिन सवाल यह है कि इस जिले में वेंटीलेटर पर पड़ी कांग्रेस आक्सीजन के मा़ एक सिलेंडर से पुनर्जीवित हो सकेगी?

सुबह दस से ग्यारह बजे के बीच शुरू हुए सम्मेलन में गुलाम नबी का राजनीतिक भाषण बहुत सशक्त थे, लेकिन कांग्रेस वर्करों के प्रति वो कम आक्रामक नहीं थे। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं और वर्करों की जम कर खबर ली और साफ कहा कि पद लेकर विजटिंग कार्ड छपवा कर कांग्रेस के नाम पर दुकानदारी करने वालों ने कांग्रेस का बहुत नुकसान किया है। अब यह बंद करना होगा। अब पुरानी कार्य संस्कृति छोड़नी होगी।

गुलाम नबी आजाद यहीं तक नहीं रुके। उन्होंने कहा कि गाड़ियों पर झंउे लगा कर बड़ा बनने से पार्टी मजबूत नहीं होगी, बल्कि इसके लिए गांवों में लोगों का दुख दर्द जानना होगा। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि लोग क्या क्या करते हैं। ऐसे ही लोगों ने कांग्रेस का बंटाधार किया है। एक अन्य नेता संजय सिंह न भी इसी अंदाज में फटकार लगाई।

बता दें कि ये दोनो नेता कांग्रेस के दुर्दिन यानी 1977  की पराजय के बाद से यहां आते रहे हैं, वे यहां के अधिकांश नेताओं की रग रग से वाकिफ हैं। यही कारण है कि इन्होंने जम कर खरी खोटी सुनाई। गुलाम नबी तो यहां तक कह गये गये कि जनता सत्तर बदलने के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस वर्करों में यह दम ही नहीं है कि वह जनता के आगे चल कर उन्हें रास्ता दिखा सकें।

एक पुराने कांग्रेसी का कहना था कि सुनायें भी क्यों न? जब जनाधार विहीन लोग पार्टी के जिला अध्यक्ष से लेकर तमाम पदों पर कब्जा बनाये हैं तो हमे यह सब सुनना भी प्उेंगा। वैसे तमाम खामियों के बाद यहां कांग्रेसी खेमे में उत्साह था। अरसे बाद यहां कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की विशाल भीड़ जुटी, उनमें उत्साह का संचार भी हुआ, यह एक नई बात थी। उम्मीद है कि अब यहां कांग्रेस नये तेवर में दिखेगी, लेकिन पुराने कांग्रेसी कहते हैं कि जब तक पद पर बैठे निकम्मों की सफाई नहीं होगी, कुछ नया हो पाना मुश्किल है। उनका आशय सिद्धार्थनगर जिले के पदाधिकारियों से था। काश गुलाम नबी इस कड़वी सच्चाई से भी वाकिफ हो पाते?

 

 

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