खूनी खेल- पत्नी का कत्ल कर, उसकी लाश पर सोता रहा पति
— पहले प्यार का खेल, फिर शादी का नाटक और एक माह बाद उसकी हत्या
— कमरे में दफन करने के बाद उसकी लाश पर कैसे सो सका शमशेर
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के चक मझारी गांव के रहने वाले एक युवक ने अपनी नई नवेली पत्नी की हत्या कर, उसे अपने सोने के कमरे में ही दफना दिया। शमशेर और मृतका मुफीदून की शादी बीते 1 जून को हुई थी। सोमवार को शमशेर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी 11 जुलाई से घर से लापता है। पुलिस छानबीन करते हुए मंगलवार को उसके घर तक पहुंची तो पत्नी को मरने के बाद कमरे में चारपाई तले जमीन में गाड़ देने की सनसनी खेज हकीकत सामने आई। कमरे की खोदाई में शव बरामद हो गया।
मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने शमशेर और उसके मां-बाप पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। प्रेम और हत्या के इस क्रूर और खूनी खेल की चर्चा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार डुमरियागंज थानाक्षेत्र के चक मझारी गांव का रहने वाला शमशेर (22) मुंबई में रहकर मजदूरी करता था जहां उसका परिचय संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के दसया गांव निवासी मजहर से हुआ। इसके बाद दोनों का एक-दूसरे के यहां आना- जाना शुरू हो गया। इसी बीच मजहर की बेटी मुफीदुन (20) से शमशेर की दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद शमशेर मुफीदुन को लेकर गांव आ गया। बीते एक जून को दोनों का निकाह कराया गया। बताया जा रहा है कि निकाह के कुछ दिन बाद ही दोनों में विवाद होने लगा।
13 जुलाई को शमशेर ने डुमरियागंज पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी पत्नी 11 जुलाई से घर से लापता है। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। इसी बीच मुफीदुन की मां सफीदुन ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को शमशेर, उसके पिता निबर और मां खुशबू निशा ने मिलकर मार डाला है और लाश घर में ही दफना रखी है। इसके बाद डुमरियागंज थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच में पता चला कि कमरे के मिट्टी के फर्श की ताजा लिपाई की गई है। संदेह पर खोदाई कराई गई तो करीब छह फुट नीचे मुफीदुन की लाश बरामद हुई। थानेदार ने बताया कि शमशेर और उसके मां-बाप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। अभी अभी सूचना मिली है कि शमशेर और उंसके मां बाप को पुलिस हिरासत में लेकर पूछ ताछ कर रही है।
– घटना पर ग्रामीणों ने क्या कहा
इस बारे में ग्रामीणों कहना है कि नीबर के दो बेटों में छोटा शमशेर एक महीने पहले ही मुंबई से मुफीदुन को लेकर आया था। हत्या और घर में ही लाश छिपाने के बाद भी उसके चेहरे पर कभी शिकन नहीं दिखी। कमरे में छह फुट गहरा गड्ढा खोदकर लाश दफनाने के बाद लिपाई कर दी गई थी। उसी जगह पर शमशेर चारपाई बिछा कर सोता रहा ताकि किसी को शक न हो। दूसरी तरफ पुलिस का मानना है कि हत्या कर छह फुट गहरे गड्ढे में शव दफनाना किसी अकेले आदमी का काम नहीं हो सकता। संभव है कि पूरी घटना को अंजाम देने में शमशेर ने परिजनों एंव दोस्तों की मदद ली हो।
– जिसके लिए घर-परिवार छोड़ा, उसी ने ले ली जान
बाता दें कि संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के दसया गांव के रहने वाले मजहर के चार बेटे और दो बेटियां हैं। उनकी बड़ी बेटी मुफीदुन की शमशेर से दोस्ती हो गई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ती गईं। साथ जीने-मरने की कसमें खाते हुए उसने शमशेर के साथ घर छोड़ दिया। बाद में दोनों परिवार भी इस रिश्ते के लिए राजी हो गए। बीते 1 जून को दोनों का निकाह पढ़वाया गया था। कुछ दिन तक सबकुछ ठीक चलता रहा। अचानक रिश्ते में खटास पैदा हो गई। शमशेर को शक था कि मुफीदुन फोन पर किसी से बात करती है। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया और जिंदगी में कड़वाहट घुलती गई। जिस शमशेर के लिए मुफीदुन मां-बाप और परिवार को छोड़ आई थी उसी ने उसका कत्ल कर दिया।
– लाश बरामद, छानबीन जारी- सीओ डुमरियागंज
इस बारे में सीओ बृजेश वर्मा का कहना है कि विवाहिता की हत्या कर घर में छिपाई गई लाश बरामद कर ली गई है। केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जएगा।






