एके-47 चोरी की जांच के लिए एंटी माइंस टीम पहुंची, गिरफ्तार पुलिस वालों का ब्रैन मैपिंग टेस्ट भी होगा

February 12, 2019 4:54 pm0 commentsViews: 1003

नजीर मलिक

आधुनिक उपकरणों से जांच कर रही एंटी माइंस टीम लखनऊ

 “सिद्धार्थनगर (यूपी) जिले के इटवा थाने से गायब हुई एके सैतालीस राइफल के गायब होने के प्रकरण में शासन का रवैया सख्त हो गया है। जिसके कारण एंटी माइंस टीम व डाग स्क्वायड ने पहुंच कर जांच शुरू कर दिया है। इसके अलावा जांच के अन्य अधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खबर है कि जेल भेजे गये सभी पुलिस कर्मियों का ब्रेन मैपिंग के साथ अन्य कई तकनीकी जांच के भी आदेश दे दिए गये है। यह टीमें भी जल्द आ जायेंगी”।

पहली बार आई एंटी माइंस टीम

मिली जानकारी के मुताबिक शासन की ओर से आज लखनऊ से आई एंटी माइंस की टीम इटवा थाना पहूंच गई है। खबर है कि उक्त टीम ने इटवा थाना परिसर में जांच शुरू भी कर दी है। इसके अलावा टीम हर संदिग्ध स्थानों पर जाकर वहां जमीन के नीचे के हालात का जायजा लेगी। यह पहला मौका है कि जब किसी अपराध की जांच के लिए जिले में इस टीम को लगाया गया है। जाहिर है कि शासन ने एके सैंतालीस राइफल के गायब होने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।

खबर है कि  एंटी माइंस टीम के अलावा डाग स्क्वायड भी सुरागरशी के लिए लगा दिये गये है। इसके लिए एसएसबी थर्ड बटालियन से दो प्रशिक्षित कुत्ते भी अपने सूंघने की शक्ति के आधार पर वहां जांच में लगे हैं। इसके अलावा पता चला है कि इस मामले में इटवा थाने के तत्कालीन एसओ अनिल पांडेय के साथ गिरफ्तार चार सिपाहियों की ब्रेन मैपिंग के लिए भी टीम आ रही है। इसी के साथ झूठ पकड़ने वाली मशीन भी आ रही है। पकड़े गये पांचों पुलिसकर्मियों के नारको टेस्ट के भी आदेश दे दिये गये हैं।

फोटो… जांच में जुटी एसएसबी की जांच स्क्वायड टीम

एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा

इस बारे में पुलिस अधक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया है कि एंटी माइंस टीम व नार्कों आदि के लिए उन्होंने पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन से अनुरोध किया था। उसी के मद्देनजर ये कारवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि टीमें इस मामले का पर्दाफाश करने में कामयाब होंगी।

क्या है एंटी माइंस व ब्रेन मैपिंग

नार्को टेस्ट व लाई डिटेक्टर के बारे में तो प्रायः लोग जानकारी रखते हैं, लेकिन एंटी माइंस व ब्रेन मैपिंग टेस्ट अपराध का पता लगाने की आधुनिक तकनीक है। एंटी माइनिंग टीम में जांच कर्ता अपने वैज्ञानिक उपकरणों को जमीन से सटा कर इस बात की जानकारी प्राप्त करता है कि जमीन के नीचे कुछ (खास कर विसोटक) छुपा तो नही है। इसी प्रकार ब्रेन मैपिंग टेस्ट में जाच अधिकारी संदिग्ध व्यक्ति के शरीर में कुछ उपकरण लगा कर पूछताछ करता है। इससे यह पता चलता है कि आरोपी वही बोल रहा है जो उसके दिमाग में है सा दोनों में अंतर है। अपराध के क्षेत्र में यह विधियां बेहद कारगर हो रही हैं।

ताकि सनद रहे

बतातें चलें कि इटावा थाना में 3 जनवरी को निरीक्षण के दौरान एक एके सैंतालीस रायफल गायब मिली थी। इसके बाद वहां के थानाध्यक्ष समेंत पाच पुकलस कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। लेकिन दस दिन बाद भी इस घटना का खुलासा नहीं हो पाया है। इस मामले से पुलिस विभाग मं हंगामा मचा हुआ है तथा शासन ने भी इसे गंभीरता से लिया है।

 

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