दीक्षांत समारोहः यूनिवर्सिटी संस्थापक सीएम अखिलेश का नाम लेना तक गवारा नहीं किया राज्यपाल ने

December 14, 2017 5:10 pm0 commentsViews: 813

 

नजीर मलिक

सिद्धार्थ यूनीवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भाग लेते राज्यपाल राम नाइक

सिद्धार्थनगर। यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने आज सिद्धार्थ यूनीवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह में भाग लेते हुए सब कुछ तो कहा, मगर जिस अखिलेश यादव ने सीएम रहते हुए मात्र तीन साल में जमीन अधिग्रहण से लेकर विश्वविद्यालय का निर्माण ही नहीं कराया, वरन  कक्षाएं भी चला दीं, राज्यपाल ने उनका और यूनीवर्सिटी प्रेरक व तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद का नाम तक लेना गवारा नहीं किया।

52 छात्रों को दिया गोल्ड मेडल

राज्यपाल राम नाइक गुरुवार यानी आज हेलीकाप्टर से पौने बारह बजे कपिलवस्तु में पहुंचे तथा सिद्धार्थ विश्वविदालय के ५२ छात्रों को गोल्ड मेडल और २९ छात्रों को उपाधि प्रधान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा से सटे होने के कारण सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बौद्ध धर्म, तथा भारतीय संस्कृति विषयक शोध केन्द्र भी होना चाहिए। उन्होंने विश्विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि वह इस बारे में पूरी रूप रेखा बना कर सरकार को प्रस्तुत करे और बतौर कुलधिपति वह इसको मंजूरी दिलायेंगे।

सिद्धार्थनगर में लड़कों से आगे लड़कियां

अपने सम्बोधन में राज्यपाल नाइक ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि लड़िकियों में शिक्षा तेजी से बढ़ रही है। इस बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में चली सर्व शिक्षा योजना और मोदी सरकार में चलने वाले बेटी बचाओ आंदोलन को दिया। उन्होंने सिद्धार्थ यूनीवर्सिटी में  52 छात्रों में 29 लड़कियों को गोल्ड मेडल मिलने पर  चुटकी लेते हुए कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो भविष्य में बालकों को आरक्षण मांगना पड़ेगा। इसलिए यहां के लड़के पझाई में मेहनत करें।

नहीं लिया अखिलेश यादव का नाम

राज्यपाल ने बालिका शिक्षा के योगदान में अटल सरकार और मोदी सरकार के योगदान पर चर्चा तो की, मगर इस पिछड़े जिले में जहां एक भी टेक्निकल कालेज नहीं है तथा विज्ञान, वाणिज्य, कम्प्यूटर की उच्च् शिक्षा का इंतजाम नहीं है, वहां अखिलेश यादव द्धारा मात्र तीन साल में यूनिवर्सिटी बना कर कक्षाएं चला देने के बावजूद उनका नाम तक न लेना लोगों को अखर गया। लोगों ने इस पर प्रतिक्रियायें भी व्यक्त कीं।

युवाओं को रोजगार से जोड़ना होगा

राज्यपाल नाइक ने कहा कि सन 2022 में भारत सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश बनने जा रहा है। यहां युवाओुं की संख्या बढ़ रही है। इन्हें भटकने, आतंकवाद की राह पर चलने से रोकने के लिए सबसे उत्तम है कि उन्हें शक्षित और राजगारी बनाया जाो। उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले तो विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह भी नही होते थे, मगर अब होने लगे हैं। वे प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों में से अधिकांश के समारेह में जा चुके हैं। जो बचे हैं, उसेमें भी मासान्त तक भागीदारी कर लेंगे।

इससे पूर्व क्षेत्रीय सांसद जगदम्बिका पाल ने राज्यपाल नाइक का स्वागत किया और कहा कि  केन्द्र और प्रदेश की सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रही है। राज्यपाल महोदय इसमें अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर किया कि सरकार की छत्रछाया में देश के युवा निरंतर विकास के पथ पर चल कर देश का नाम रौशन करेंगे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीकांत पांडेय,  डीआईजी रेंज राकेश कुमार साहू, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, सीडीओ सिद्धार्थनगर, विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी कालेजों के प्रचायगण आदि शामिल रहे।

दीक्षांत समारोह में सोते दिखे डीआईजी

दीक्षांत समारोह के दौरान जब सब एकाग्रचित होकर  राज्यपाल राम नाइक का भाषण सुन रहे थे , उस वक्त बस्ती रेंज के डीआईजी राकेश कुमार साहूं वहां सोते और खर्राटे मारते दिखे। सुरक्षा से जुड़े अधिकारी की सह स्थित देख मौके पर मौजूद लोग उनकी तरफ तिरछी नजरों से देख मंद मंद मुस्कराते रहे।

नहीं आये सीएम योगी

कार्यक्रम में यूपी के सीएम आदित्यनाथ का नाम शालि होने के बावजूद वे नहीं आये। इस पर यहां काफी प्रतिक्रिया हुई है। लोगों ने कहा कि कभी योगी जी यहां छोटे छोअे मौके पर आते थे, मगर आज के खास मौके पर न आने से लोग निराश हैं। इस बारे में राज्यपाल का कहना था कि आज से विधानसभा सत्र शुरु होने के कारण वे नहीं आ सके। हालांकि लोगों का कहना था कि विधानसभा का सत्र एक दिन आगे भी बढ़ाया जा सकता था।

 

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