सवालों पर पहरे लगाने का मतलब लोकतंत्र पर खतरा- न्यूज एंकर अभिसार शर्मा

September 6, 2018 1:26 pm0 commentsViews: 725

— सीएम साहब को एक बार कार से सिद्धार्थनगर आना चाहिए़ हेमंत तिवारी

— जेएनयू की छवि बिगाड़ी जा रही है- मोहित पांडेय

 

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। ख्याति प्राप्त पत्रकार और न्यूज एंकर अभिसार शर्मा ने कहा है कि जब सरकारों में सवाल जवाब पर पहरे बिठाये जाते हैं तो लोकतंत्र पर खतरा खड़ा होने लगता है। आज मीडिया का बड़ा तबका भी अपने सिद्धांतों से भटका हुआ है। इसे बचाने के लिए पत्रकारों को नये ढंग से सोचना होगा। ग्रामीण पत्रकार आज भी अपने काम में पूरी निष्ठा से लगे हुए हैं।

कल शाम सिद्धार्थ प्रेस क्लब के नये पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण को बतौर मुख्य अतिथि समबोधित करते हुए अभिसार शर्मा ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज पत्रकारों के सवालों पर राजैतिक लोग गुस्सा करते हैं। लेकिन सवाल उठाते रहना होगा, हांलांकि इसके कई खतरे है फिर भी यह हम सबका दायित्व है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के पत्रकार का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने जब सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई तो उसे नक्सली और आतंकी जैसे अपराध के लिए धारायें लगायीं। और उसे अमानुषिक यातनायें दीं।  जाहिर है कि सिस्टम को सवाल पसंद नहीं उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले आज सिस्टम और सरकारों पर सवाल उठाने के खतरे कई गुना बढ़ गये हैं।

इंसेफेलाइटिस पर झूठ बाल रही सरकार

अभिसार शर्मा ने इस साल इंसेफलाटिस से मौतें कम होने के दावों की भी पोल खाली। उन्होंने कहा कि पहले गोरखपुर मेडिकल कालेज के आंकड़ों में बिहार के रोगियों के नाम शामिल होते थे। इस बार उनके नाम निकल दिये गये, यही नहीं इंसेफलाइटिस और जेई के आंकड़े भी अलग कर दिये गये इससे आंकड़ों में गिरावट आ गई मगर इस सच को कम पत्रकार ही दिखा रहे। अधिकांश सरकारी भाषा ही बाल रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के मंत्री सलमान खुर्शीद से भष्टाचार सम्बंधी कई सवाल पूछे और उनसे इस्तीफ तक की मांग कर डाली, उन्होंने कई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन आज अमित शाह के बेअे की बढ़ती सम्पति पर सवाल पूछने का हक नहीं है। मीडिया  का एक तबका  दिन रात धार्मिक डिबेट कर माहौल में जहर घोल रहा है।

सभा की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश पत्रकार मान्यता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि आज जरा भी सिस्टम के खिलाफ गये तो मालिकान दबाव बनाते हैं, न मानने पर पत्रकार को बहर कर दिया जाता है।उन्होंने कहा कि वे स्वयं इसके शिकार हो चुके हैं।

सिद्धार्थनगर– बस्ती मार्ग को लेकर सरकार को कोसा

सिद्धार्थनगर-बस्ती नेशनल हाइवे की बदहाली के लिए जनप्रतिनिधिरयों को फटकार लगाई और कहा कि मुख्यमंत्री जी को एक बार इस सड़क पर यात्रा जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में यहां  के एनएच बूरी सड़क कहीं नहीं है। जनता क्यों सोई है, मीडिया को इसे मुद्दा बनाना चाहिए।

जेएनयू की छवि बिगाड़़ी जी रही- मोहित पांडेय

समारोह में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा कि हमारा काम आवाज उठाना है, हमने निर्भयां कांड में सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था। मंत्रियों और पीएम आवास तक घेरा है, मगर अब विरोध का स्वर दबाया जा रहा है। जेएनयू की छवि बिगाड़ी जा रही है। लखनऊ के पत्रकार डा. अलीमुल्लाह ने अपनी बारी में कौमी एकता पर प्रकाश डाला तो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में नवगठित कमेंटी को शुभकामनाएं दीं।

इससे पूर्व अभिसार शर्मा, व हेमंत तिवारी ने प्रेस क्लब के नव गठित अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव, महामंत्री राशिद फारूकी, उपाध्यक्ष अरविंद झा, अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष कैलाश द्धिवेदी, संगठन मंत्री धर्मवीर गुप्ता शिवेन्द्र पांडेय व सम्प्रेक्षक अब्दुल कुद्दूस को पद की शपथ दिलाया और उन्हें बधाइयां दीं।

कार्यक्रम में  अखंड प्रताप सिंह एडवोकेट., निसार बागी, डा. चन्द्रेश उपाध्याय, सपा नेता फरहान खान, व बेचई यादव, हेमंत जायसवाल,  भाजपा  जिला अध्यक्ष लाल लालबाबा त्रिपाठी,  नजीर अहमद मलिक एडवोकेट,  राजमणि पांडेय, अच्छन भाई, नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राइनी, शुभांगी  एडवोकेट आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम आयोजन में सलमान आमिर, परवेज खान व जिम्पी भाटिया की भूमिका उल्लेखनीय रही।  कार्यक्रम का संचालन दैनिक जागरण के प्रभारी रत्नेश शुक्ला ने किया।

 

 

 

 

(638)

Leave a Reply