फारेस्ट गार्ड की लाश रहस्यमय हालात आफिस की छत से लटकी पाई गई

December 19, 2018 2:50 pm0 commentsViews: 395

नजीर मलिक

 

सिद्धार्थनगर।  सामाजिक वानिकी प्रभाग सिद्धार्थनगर से कार्यरत फारेस्ट गार्ड की आफिस के छत से लटकी लाश पाई गई है। इससे वन विभाग में सनसनी छा गई है। मंगलवार रात हुई घटना की खबर लोगों को आज सुबह पता चली। मृतक का नाम राघवेन्द्र मिश्र है। उनकी उम्र पचास वर्ष बताई जाती है। इस रहस्यमय मौत को लेकर नगरवासियों में काफी चर्चा है।

बताया जाता है कि आज सवेरे लगभग दस बजे जब वन विभाग के लोग आफिस पहुंचे तो वहां वन रक्षक राघवेन्द्र मिश्र के चेम्बर में छत के कुंडे से उन्हीं की लाश लटक रही थी। यह देख वहां हंगामा मच गया। आनन फानन में पुलिस को खबर दी, सिद्धार्थनगर कोतवाली की पुलिस ने मौके पर पहूंच कर लाश कब्जे में कर लिया।

राघवेन्द्र मिश्र का घर वन विभाग कार्यालय से आधा किमी दूर शहर के हुसैनगंज मुहल्ले में स्थित है। तो फिर वह किन हालात में रात में कार्यालय पहूंचे और उन्होंने किस कारण से खुद को फांसी लगाया, इस पर तरह तरह की कयासबाजी जारी है। कुछ लोगों का कहाना है कि उनका बीती रात परिवार में कुछ विवाद हुआ तो वह घर से कम्बल लेकर सोने के लिए कार्यालय आ गये। फिर गुस्से में जान दे दी।

उठ रहे कई सवाल?

लेकिन इस थियरी को सही माना जाये तो भी कई सवाल उठते हैं। पहली बात तो यह है कार्यालय की छत नीची है। मृतक ने मेज पर चढ़ कर कुंडे में फंदा लटकाया, मगर उस मेज को हटाया नहीं, इस हालत में उनका पैर मेज पर रहता। जबकि मरने के लिए वहां से मेज को हटाने और शरीर को लटकाया जाना जरूरी था। फांसी के द्धारा आत्महत्या करने की थियरी का यह मुख्य बिंदु है, मगर फांसी की थियरी इसे इलट है। जो आत्महत्या पर सवाल उठाता है।

गूंज रहीं हैं शंकाएं

इस सिलसिले में आसपास के लोगों में कुछ शंका को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। वहां लोगों का कहना है कि मुतक मिश्र कुछ जिद्दी स्वाभाव के थे। वह कई बार गलत काम नही करने के लिए लिद पर अड़ जाते थे। इसलिए विभाग में कई लोग उनसे नाराज रहते थे। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार उनकी जांच भी चल रही थी। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं उनके साथ साजिश तो नहीं की गई।

बहरहाल सच क्या है, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहाल तो पुलिस ने उनके शव को लेकर पोस्टर्माम के लिए भेजने की तैयारी में थी। लोगों को कहना है कि यह रहस्यमय मौत है। इसकी गहराई से जांच जरूरी है।

 

 

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