सवर्ण समाज का इतिहास देश के आजादी की लड़ाई से जुड़ा है- रामकृष्ण पाण्डेय

January 29, 2026 5:54 PM0 commentsViews: 69
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अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर जनपद में विरोध के स्वर लगातार तेज होते जा रहे हैं। तीन फरवरी को बीएसए ग्राउंड से बीएसए कार्यालय होते हुए कलेक्ट्रेट तक सर्वण समाज की एकजुटता के साथ जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर परिसर में एक अहम तैयारी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में राम कृष्ण पांडेय ने कहा कि सर्वण समाज का इतिहास देश की आज़ादी की लड़ाई से जुड़ा रहा है। समाज ने मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज समाज आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी से जुड़े नए नियमों जैसे मुद्दों को लेकर संघर्षरत है।

प्रेम शंकर पांडेय का कहना था कि इन कानूनों और प्रावधानों से समाज में असंतोष और पीड़ा बढ़ी है, जिसे सरकार को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।

श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर के संचालक दिव्यांशु ने कहा कि यूजीसी सहित अन्य कानूनों के कारण समाज के विभिन्न वर्गों में गहरी पीड़ा व्याप्त है। उन्होंने मांग की कि सरकार इन प्रावधानों पर पुनर्विचार करे और समाजहित में इन्हें वापस ले। उन्होंने दावा किया कि तीन फरवरी को होने वाला कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर शांतिपूर्ण तरीके से यूजीसी के नियमों का विरोध दर्ज कराएंगे।

बैठक में वक्ताओं ने जुलूस को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क, अनुशासित आयोजन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर दिया। आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर है। बैठक के अंत में सभी ने एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।

इस मौके पर रणविजय प्रताप सिंह, अविनाश मिश्रा, शिव मिश्रा, हेमंत मणि त्रिपाठी, अष्टभुजा सिंह, अमित पांडेय, शिवा पांडेय, संपूर्णानंद पांडेय, मारकंडेय सिंह, मनोज जायसवाल, मान बहादुर सिंह, बजरंगी बाबा, सोनू श्रीवास्तव, सुधीर बाबा, जितेंद्र सिंह, विजय सिंह, सनी सिंह आदि की उपस्थिति रही।

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