विधायक सैयदा ने कहा- ‘बाबा साहब के सपनों को साकार करेगा पीडीए’
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। पीडीए को मजबूत बनाने की दृष्टि से समाजावादी पार्टी की जनसभा की जनसभा को सम्बोधित करते हुए सपा विधायक सैयदा खातून ने कहा कि पीडीए कोई शब्द नहीं एक आंदोलन है। जिसका मतलब पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक होता है। समाज के इन तीन कमजोर और उपेक्षित वर्गों की एकता के बिना समाजिक समानता और समता की कल्पना तक नहीं की जा सकती है।
यह विचार डुमरियागंज की विधायक सैयदा खातून ने व्यक्त किया। वे शनिवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अजगरा में पीडीए की जनसभा को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक व कमजोर समाज के लिए पीडीए की एकता समय की जरूरत है। इसलिए सभी को मिल कर पीडीए आंदोलन को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि पीडीए उन सवर्णो का भी समर्थन करता है जो किन्हीं कारणों से आज भी वंचित हैं और आज भी आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं।
उन्होंने दलितों को पीडीए से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज उन्हें पीडीए को जानने की सबसे ज्यादा जरूरत है। देश की एक पार्टी आज संविधान को बदल कर बाबा साहेब अम्बेडकर के विचारों की हत्या करने पर तुली हुई है। यदि वह अपने षडयंत्र में सफल हो गई तो भारत को लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा और इसका सबसे बड़ा नुकसान दलित वर्ग का होगा। वे पुनः सामंत वर्ग के गुलाम बन कर रह जायेंगे।इसलिए उन्हें पीडीए को समझ कर उसे अंगीकार करना होगा।
अंत में विधायक सैय्यदा खातून ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई चरम पर है। नौजवानों को रोजगार नहीं मिल रहा है और व्यापारी परेशान हैं। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है। इसके लिए सबको मिल कर सत्ता से दो दो हाथ करना होगा। जन चौपाल कार्यक्रम में सियाराम, अरुण, देवी लाल चौहान, बजरंगी चौधरी, रामजीत यादव, बब्लू चौधरी आदि मौजूद रहे।