अग्रलेखः अखिलेश जी! कपिलवस्तु के धंधेबाज और ब्लैकमेलर सपाइयों पर कारवाई कीजिए
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वर्करों की छवि धंधेबाज, दगाबाज की बनती जा रही है। यहां की नगरपालिका सीट पर चुनावी संघर्ष के दौरान लूट और ब्लैकमेंलिंग का कारोबार चरम पर रहा। आम चर्चा है कि अगर पार्टी के जिम्मेदार वर्कर यही करते रहे तो यहां ये पार्टी का साफ होना तय है। एक खांटी सपाई ने नगरपालिका सिद्धार्थनगर के चुनाव में पार्टी के दलालों का जो रुप देखा है, उसने जो बयान किया है उसे निम्नवत पेश किया जा रहा है।
पार्टी के चंद लोगों की बात छोड़ दें तो यहां के वर्करों ने चुनावी संघर्ष को जिस तरह मछली बाजार बनाया, उसकी भयानक सड़ांध पूरे नगर पालिका में महसूस की जा रही है। पार्टी में नवागत एक नौजवान उम्मीदवार का समाजवादियों ने जिस प्रकार शोषण किया और गुमराह कर अन्य दलों से भी सौदा कर माल बनाते रहे, वह शर्मनाक है और सामाजवादी पार्टी के लिए घातक भी।
अखिलेश जी, जरा चुनाव परिणाम पर वार्डवार नजर डालिए। आपके प्रतिबद्ध वर्करों ने आर्यनगर, (बगियवा) सिसहनियां, अनूपनगर, कृष्णानगर, राहुलनगर, पुराना नौगढ़ के रमजाननगर आदि पांच वार्डों के ठेके लिए। ठेके हजारों से लाखों के बीच थे। मगर वोट, तो प्रतिवार्ड सौ भी नहीं मिले। ठेका लेने का यह काम कोई और करता तो गनीमत थी, मगर यह काम आपकी “ जवानी कुर्बान“ वाली टीम ने किया। आपको इस टीम पर बहुत भरोसा है तो यह विचार करना होगा कि जिस अवाम ने उन “जवानी कुर्बान टीम” यानी धंधेबाजों का जातिवादी रुप देखा है, जिस अवाम ने उनकी ब्लैक मेलिंग देखी है, वह आगे के चुनावों में उन्हें कितना महत्व देगा? यह समझना होगा।
अखिलेश जीǃ अब “जवानी कुर्बान टीम” से मुक्ति पाइये, नेता जी मुलायम सिंह की तरह माटी से जुड़े लोगों को महत्व दीजिए, वर्ना ये धंधेबाज टीम, समाजवादी पार्टी को बेच कर रहेगी। माने ने मानें , लेकिन अगर आगे भी हालात यही रहे तो अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी का इतिहास का कुड़ेदान बनना तय है। आपकी पार्टी भविष्य में इतिहास रचेगी, या इतिहास के कूड़े दान में जायेगी, यह फैसला अब आपको करना है।





