गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी तीन अभियुक्तों को 10 वर्ष का कठोर कारावास, 11-11 हजार का अर्थदण्ड
देवेश श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफ़टीसी द्वितीय निशा झा ने गैरइरादतन हत्या के दोषी तीन अभियुक्तों को 10-10 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक को 11-11 हजार रुपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में दोषियों को 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
घटना ढेबरुआ थाना क्षेत्र का है जो 10 जनवरी 2015 को सायं करीब 4 बजे घटित हुई थी। थानाक्षेत्र ढेबरुआ के गाँव रेहरा निवासी वादी मुकदमा श्रीप्रकाश यादव पुत्र गौरीशंकर ने थाने पर लिखित तहरीर देकर कहा कि 10 जनवरी 2015 को समय करीब 4 बजे उसके माता पिता पुस्तैनी बगीचे में गए जहाँ पहले से ही मौजूद चन्द्रशेखर यादव पुत्र राम उजागिर, नंदिनी एवं फ़ोटू पुत्रीगण राम उजागिर से कहासुनी हो गयी उसके बाद वे लोग वापस घर आ रहे थे कि उनलोगों ने खेत में घेरकर लाठी डण्डा व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया जिससे वो लोग बुरी तरह घयल हो गए और उनके सिर से बहुत ज्यादा खून बहने लगा।
तत्काल उनलोगों को इटवा अस्पताल ले जाया गया और गम्भीर स्थिति देखकर डॉक्टर ने जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसके पिता गौरीशंकर पुत्र रामऔतार की मृत्यु हो गयी। पुलिस ने मारपीट एवं गैरइरादतन हत्या का एफआईआर दर्ज करके विवेचना किया। विवेचना के बाद पुलिस ने मामले में तीनों लोगों को अभियुक्त बनाकर आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर विचारण प्रारम्भ किया। विचारण के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, चिकित्सकीय मुआयना रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर उक्त तीनों अभियुक्तों को मारपीट एवं गैरइरादतन हत्या का दोषी करार दिया। दण्ड के बिंदु पर सुनवाई करने के पश्चात न्यायालय ने दोषी अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक को 11-11 हजार रुपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार त्रिपाठी ने करते हुए दोषियों को कठोर कारावास की सजा दिलवाते हुए 11-11 हजार रुपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित करवाया। न्यायालय ने यह भी कहा कि अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में दोषियों को 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।





