75 करोड के घोटाले का अभियुक्त गिरफ्तार, घोटाला प्रमुख अभी भी पकड़ से दूर
सिद्धार्थनगर के भ्रष्टाचार के सरोवर में तैरती छोटी मछली तो
गिरफ्तार हुई, मगर बड़ी मछलियों का शिकार कब हो सकेगा?
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। लगभग 73 करोड़ रूपये के धान खरीद घोटाले में सोमवार को एक और अभियुक्त नरसिंह चौधरी को एसआईटी ने सदर कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। नरसिंह क्रय केन्द्र अधिकारी के पद पर तैनात था। उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित था। अब तक इस प्रकरण में लगभग दस अभियुक्त पकड़े जा चुके हैं, लेकिन भ्रष्टाचाार के तालाब की चंद बड़ी मछलियां अभी भी पुलिस के जाल से बाहर हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि प्रमुख घोटाले बाज भी जल्द ही उसकी गिरफ्त में होगे। नरसिंह चौधरी बस्ती जिले क ग्राम अतर्दिया पोस्ट अमरडीहा थाना सोनहा जनपद बस्ती का मूल निवासी है।
खबर के मुताबिक सिद्धार्थनगर के पीसीएस प्रबंधक अमित चौधरी ने नरसिंह चौधरी को विश्वास में लेकर बिना किसी खरीद फरोख्त के उसके खाते में विभाग के सवा दो करोड़ रुपये जमा कराये थे, जिसे बाद में दोनों ने मिल कर निकाल लिए थे। जांच में यह तथ्य सामने आने पर एसआईटी उसकी तलाश में लग गई और महीनों की तलाश के बाद उसे सोमवार को गिरफ्तार करने में सफल हो गई। बताते चलें कि इसी प्रकरण में पीसीएफ के जिला प्रबंधक अमित चौधरी को नौकरी से सेवामुक्त किया जा चुका है, मगर उनकी गिरफ्तारी अभी तक नही हो सकी है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस महाघोटाले का एक और प्रमुख अभियुक्त अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
सूत्रों का कहना है कि एक महिला के नाम पर पीसीएफ में सप्लायर का काम करने वाला यह शातिर सरकारी अभिेलेखों में नाम नहीं होने के कारण मुलजिम नहीं है। लेकिन उक्त महिला से उसके रिश्ते को देख कर माना जा रहा है कि असल षडयंत्रकारी वही है। उक्त व्यक्ति सहित दो अन्य लोग भी इतनी बड़ी धोखा़धड़ी के सूत्रधार है। इन्हें अपनी गिरफ्त में लेने के लिए एसआईटी उक्त फ्राड से सम्बंधित किसी लिंक अथवा सबूत की तलाश में लगी है। कुछ और लोग है जिन्होंने कोर्ट से अरेस्ट स्टे प्राप्त कर रखा है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक एसआईटी शीघ्र ही उन्हें दबोचने के लिए रास्ता निकाल रही है।





