डराने लगीं नदियां, बूढ़ी राप्ती व घोंघी नदी ने लांघा खतरे का निशान
राप्ती नदी भी बढ़ाव की ओर, दर्जनों गांव में आफत का माहौल
नज़ीर मलिक
सिद्धार्थनगर। सरहद के पार नेपाल के पहाड़ों पर तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने ज़िले में आफत मचा दिया है। ज़िले की सारी नदियां अब लोगों को डराने लगी हैं। इस बीच बूढ़ी राप्ती और घोंघी नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। इसके अलावा राप्ती सहित कुछ नदियां खतरा विन्दु पार के करीब को बेताब हैं, जिसके कारण जिले के दर्जनों गांव या तो सैलाब से घिर गए हैं अथवा वहां की फसलें पानी मे डूब गईं हैं। इसके अलावा कई तटबंध भी खतरे के जद में आ गये हैं।
ड्रेनेज विभाग के अनुसार शनिवार को बूढ़ी राप्ती नदी खतरे के निशान से चार सेमी तथा घोंघी नदी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। विनाश के लिए कुख्यात राप्ती अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन यह महज 47 सेंटीमीटर दूर है। अफसरों का अनुमान है कि जिस हिसाब से राप्ती बढ़ रही है, रात तक उंसके भी खतरा बिंदु पार कर जाने की आशंका है। इसके अलावा कूड़ा, बानगंगा, तेलार, घोरही, जमुआर आदि नदियों के जलस्तर में निरंतर बढ़ाव की सूचना है।
नदियों के तेजी से बढ़ते जलस्तर के साथ कम से कम तीन दर्जन गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। राप्ती हालांकि अभी खतरे के निशान से नीचे है, मगर उसने गांवों को घेरना शुरू कर दिया है। डुमरियागंज का धनोहरा गांव पानी से घिर गया है। ग्रामीण राम अदालत चौधरी ने कहा ऐसे ही राप्ती का जलस्तर बढ़ता रहा तो गांव में भी पानी घुस जाएगा।
बीते वर्ष आई बाढ़ में घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। इसी प्रकार मछिया, पेंडारी, रमवापुर आदि गांव राप्ती के अगले निशाने पर हैं। दूसरी तरफ सदर तहसील के ताल भरौना, संगल्दीप, ताल नटवा, ताल बगहिया, मारूखर आदि गांव भी बाढ़ की जद में आ गये हैं। संगल्दीप और नेपाल सीमा से सटे गांव गौरी जाने का रास्ता पानी में डूब गया है। संगल्दीप में लोग नावों पर सवार होकर आवागमन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नदियों किनारे स्थित बांधों में से कई जर्जर हैं, उनमें गैप भी हैं, जिसके भरोसे जिले की बड़ी आबादी में असुरक्षा व्याप्त है।खबर है कि बढ़ते जलस्तर के कारण कई बांधों पर दबाव बढ़ रहा है। राप्ती नदी के दोनों किनारों पर निर्मित बांध में गैप और रैट होल हैं जो बड़ा संकट उत्पन्न कर सकता है। बांसी-पनघटिया बांध पर कई जगह ढलान बनने से बांध कटने की स्थिति में है।
कहीं-कहीं रेनकट भी हो गया है, जिससे राप्ती का बढ़ता जलस्तर और लगातार हो रही बारिश से कभी खतरा हो सकता है। बांसी-पनघटिया बांध पर भगौतापुर गांव के पश्चिम तरफ ढलान बनने से बांध काटने लगा है। इसी तरह सोनवर्षा-गुलरिया लाला गांव के बीच बांध पर ढलान से बांध कट रही है। वहीं भगौतापुर गांव के पास बांध पर हो रहे रेनकट को बोरी से भर दिया गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने ने संवेदनशील स्थलों का दौरा किया है तथा प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया गया है।







