आत्महत्या को उकसाने व दुष्कर्म के अपराधी को कोर्ट ने किया दोषमुक्त, छेड़खानी में हुई सजा

December 5, 2025 7:51 PM0 commentsViews: 161
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अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट बीरेंद्र कुमार की अदालत ने अवयस्क लड़की से सामूहिक दुष्कर्म करने के प्रयास, आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने, छेड़खानी एवं जानमाल की धमकी के मामले में साक्ष्यों के आधार पर मात्र छेड़खानी एवं पॉक्सो एक्ट के अपराध में सजा सुनाते हुए अभियुक्त गोलू पुत्र नूर मोहम्मद को चार साल की सजा सुनाई है और उस पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

शेष अपराधों में साक्ष्य के अभाव में उसे बरी करते हुए विवेचक एवं पर्यवेक्षक को दोषपूर्ण विवेचना करने का दोषी करार दिया है एवं शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को भी कर्तव्यों के प्रति उपेक्षा का दोषी पाया है और उनके खिलाफ भी कार्यवाही करने का आदेश न्यायालय ने दिया है।

घटना कोतवाली जोगिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है जो 11 जुलाई 2022 को घटित हुई थी, 14 वर्षीय मृतका लड़की के पिता ने पुलिस को लिखित तहरीर दिया कि उसकी लड़की को स्कूल जाते समय जोगिया उदयपुर के मनचले किस्म के लड़के सुहेल पुत्र मेहंदी हसन, फैयाज पुत्र मो० सलीम, साहुल पुत्र हरिश्चन्द, गोलू पुत्र नूर मोहम्मद अक्सर छेडखानी किया करते थे। दिनांक 11 जुलाई 2022 को शाम करीब 6:30 बजे गाँव से जोगिया उदयपुर अपने भाई के साथ आ रही थी। भाई रस्ते में रुक कर लघुशंका करने लगा।

लड़की जोगिया उदयपुर बाजार में पहुंची थी कि चारो लड़के लड़की को अकेला देख कर दबोच लिए और उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास करने लगे जिस पर लड़की चिल्लाई उसका लड़का दौड़ कर पहुंचा तथा कुछ अन्य लोग भी आ गये जिन्हे देख कर चारो लड़के उसको छोड़ कर भाग गये। लड़की घर आकर करीब 7 बजे गले में फन्दा लगा कर आत्महत्या कर ली।
तहरीर के आधार पर अभियुक्तगण सुहेल, मो० फैय्याज, साहूल एवं गोलू के विरूद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया और लाश का पोस्टमार्टम हुआ। मामले की विवेचना पुलिस थाना-जोगिया उदयपुर व जिला सिद्धार्थनगर द्वारा करके मात्र अभियुक्त गोलू के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।

न्यायालय ने मामले संज्ञान लेकर अभियुक्त के ऊपर आरोप तय किया जिससे उसने इंकार करते हुए विचारण की मांग किया। न्यायालय ने विचारण शुरू किया और विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुना। इसके बाद पत्रावली का सम्यक परिशीलन किया।

इसके बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों यथा गवाहों की गवाही, जिरह, शव विच्छेदन आख्या, सीडीआर, आयु प्रमाण पत्र, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त गोलू पुत्र नूर मोहम्मद को मात्र छेड़खानी एवं पॉक्सो एक्ट के अपराध का दोषी पाते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई करके चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार कर पाठक ने किया।

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