कमर व घुटना दर्द बढ़ने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लें, डेली व्यायाम से भी होगी राहत
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। सर्द मौसम की शुरुआत के साथ ही घुटने और कमर दर्द की शिकायतों में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल, निजी क्लीनिकों और फिजियोथेरेपी केंद्रों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिन्हें चलने-फिरने, उठने-बैठने और लंबे समय तक खड़े रहने में परेशानी हो रही है। बुजुर्गों के साथ-साथ युवा वर्ग में भी यह समस्या तेजी से सामने आ रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुभाष यादव के अनुसार ठंड में मांस पेशियां और जोड़ अकड़ जाते हैं, जिससे रक्त संचार धीमा पड़ता है और पुराने दर्द उभर आते हैं। गठिया, ऑस्टियो आर्थराइटिस, स्लिप डिस्क और मांसपेशियों में खिंचाव से पीड़ित मरीजों को इस मौसम में अधिक दिक्कत होती है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी और गलत तरीके से वजन उठाना भी दर्द को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
फिजियो थेरेपिस्ट का कहना है कि ठंड में शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। सुबह-शाम हल्का स्ट्रेचिंग, घुटने और कमर के लिए विशेष एक्सरसाइज, गरम पानी से सेकाई और डॉक्टर की सलाह से फिजियो थेरेपी उपचार दर्द से राहत दिला सकते हैं। इसके अलावा, भारी काम अचानक करने से बचें और लंबे समय तक झुककर काम न करें।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, कैल्शियम व विटामिन-डी की पूर्ति तथा रोजाना हल्की धूप लेना फायदेमंद रहता है। दर्द बढ़ने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श करना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सावधानी और सही उपचार अपनाने से घुटने व कमर दर्द पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। सर्दी के मौसम में थोड़ी अतिरिक्त देखभाल अपनाकर लोग सक्रिय और दर्दमुक्त जीवन जी सकते हैं।





