रानी कसौधन हत्याकांड का खुलासा, एक पकड़ा गया
— रवि अग्रवाल की छवि बिगाड़ने के लिए की गई थी एक बड़ी साजिश
— घटना के खुलासे से रवि के राजनीतिक विरोधियों के हौसले पस्त
नज़ीर मलिक
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ कस्बे में 14 माह पहले हुई रानी कसौधन की हत्या का खुलासा करते हुए थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। इसी के साथ नगर पंचायत शोहरतगढ़ की अध्यक्ष उमा अग्रवाल के पति/प्रतिनिधि को इस कांड में फंसाने की साज़िश का भी पर्दाफाश हो गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है। इस गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद भी जगी है।
खबर है कि जांच के आधार पर पुलिस ने बुधवार को हत्या के वांछित आरोपी आशीष उर्फ राम आशीष निवासी मसिना थाना शोहरतगढ़ को हत्या, सबूत मिटाने, अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय भेज दिया है। इस संबंध में शोहरतगढ़ एसएचओ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि रानी कसौधन हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है।
बताते चलें कि इस घटना को लेकर पिछले दिनों कुछ लोगों ने न्यायालय पहुंच कर वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि अग्रवाल के विरुद्ध मुकदमा कायम कराया था, मगर इस घटना के खुलासे के बाद या साफ हो गया कि रवि अग्रवाल के विरुद्ध न्यायालय से मुकदमा करना उनके विरोधियों की साजिद थी। जिसके सहारे उनकी छवि बिगाड़ने का प्रयास था, जो निरर्थक साबित हुआ।
गौर तलब है कि गत 28 नवंबर 2024 की रात कस्बे के एक वार्ड निवासी 16 वर्षीय युवती रानी कसौधन पुत्री महेश एक अतिथि भवन में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थी। देर रात तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका।इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को शोहरतगढ़ नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 स्थित मोहल्ला सुभाष नगर में एनएच 730 शोहरतगढ़-बाणगंगा रोड पर अग्रवाल पेट्रोल पंप के सामने झाड़ियों में किशोरी का शव बरामद हुआ था।
शव पर चोट और सूजन के निशान पाए गए थे, जिससे हत्या की आशंका प्रबल हो गई थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मां शीला ने काफी प्रयास किया लेकिन मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ, मजबूरन उसने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर बीते 26 जनवरी को थाना शोहरतगढ़ में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गहन जांच, साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण किया।





