श्रीराम कथा महोत्सव की सफलता के लिए घर-घर पहुंचेंगे सदस्य
शहर के नपा सभागार में 20 मार्च से आयोजित हो रहा श्रीराम कथा महोत्सव
कलश यात्रा का रूट मार्ग तय, 101 महिलाओं की सहभागिता का लिया संकल्प
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। शहर में 20 से 26 मार्च तक श्रीरामकथा महोत्सव आयोजित है। नगर पालिका कार्यालय के पीछे स्थित सभागार में प्रतिदिन शाम छह बजे से रात 10 बजे तक श्रीरामकथा की अमृतवर्षा होगी। 27 मार्च को भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम की सफलता को लेकर तैयारी बैठक हुई, जिसमें कलश यात्रा के रूट मार्ग समेत अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए कार्य एवं दायित्व पर विचार-विमर्श हुआ।
शहर के एक होटल में बुधवार को श्रीरामकथा महोत्सव से जुड़े लोगों की बैठक में बताया गया कि कथा में प्रवचन अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री करेंगे। सभागार को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की जा रही है। पहले दिन निकलने वाली कलश यात्रा श्रीराम महोत्सव स्थल से हनुमानगढ़ी तक, फिर वहां से श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर पर समापन होगा। इसके लिए 101 महिलाओं की सहभागिता के लिए रणनीति तैयार हुई। इसके लिए घर-घर संपर्क करने के साथ ही आसपास के वार्डों में सभासद से समन्वय बनाने का निर्णय लिया गया।
क्रीड़ा भारती गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. अरूण कुमार प्रजापति ने कहा कि कथा के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देने का लक्ष्य रखा गया है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला मंत्री डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा ने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और रामराज्य की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का एक व्यापक प्रयास है। अध्यक्ष शिवदत्त अग्रहिर ने बताया कि कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याणकारी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
इस मौके पर आयोजन समिति के मार्गदर्शक मनीष कुमार शुक्ला, कोषाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव समेत शुभम श्रीवास्तव, रजनीश उपाध्याय व राघवेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।





