स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही देशप्रेम का भी संदेश देती है सेवा यात्रा- विशाल
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन (एनएमओ) गोरक्ष प्रान्त द्वारा गुरु गोरक्षनाथ निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा यात्रा का आयोजन शनिवार को किया गया। इस आर्गेनाजेशन द्वारा स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ यह यात्रा पिछले पांच वर्ष से सेवा कार्य करती आ रही है।
नेपाल सीमा से सटे लोटन खंड में सेमरहना, बड़हरा, लोटन गांव, एकडेंगवा, गढमोर, महथावल, ठोठरी बाजार अशोक पालीक्लिनिक, भरमी सहित कुल आठ स्थानों पर और शोहरतगढ़ खंड के पल्टादेवी, चिल्हिया, चोराड़, अतरी, खुनुवा बार्डर, डोहरिया और महथा में एक हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इन शिविरों के माध्यम से लगभग तीन हजार मरीजों के उपचार, निःशुल्क दवा वितरण, स्वस्थ जीवनशैली का परामर्श तथा रोग-निवारण की जानकारी दी गई। विशेष रूप से रक्ताल्पता (एनीमिया), स्वच्छता, पोषण व संक्रामक रोगों की रोकथाम पर जागरूक भी किया गया।
लखनऊ, एम्स गोरखपुर व सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टर गजेन्द्र, सिद्धि चौहान, अदिति सिंह, ईशा सिंह, सूर्यांश श्रीवास्तव, अमन गुप्ता, गौरव दूबे, जगराम पटेल, अनामिका, अर्चना, अनुप्रिया, उज्ज्वल, अनन्या, पवन गुप्ता ने मरीजों का ईलाज किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक विशाल ने कहा कि जो मरीज धनाभाव या सहयोगी नही मिलने के गोरखपुर, लखनऊ आदि प्रमुख जगहों पर उपचार के लिए नहीं पहुंच पाते हैं उनका इलाज यही उपलब्ध कराया जा रहा है। तीन दिवसीय इस सेवा अभियान के दौरान चिकित्सकों की टीम सिद्धार्थनगर के भारत-नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में थारू जनजाति सहित जरूरतमंद मरीजों का उपचार के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक भी करेगी।
यह केवल स्वास्थ्य यात्रा ही नही बल्कि स्वच्छता, राष्ट्रीयता, नैतिकता और देश प्रेम की भावना जागृत करने का भी प्रयास है। जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह ने बताया कि यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक संवेदना और समर्पण पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। इस दौरान अभिषेक, मनोज कुमार, दिनेश, पंकज, धनंजय आदि मौजूद रहे।





