नीम करौरी बाबा मंदिर स्थापना दिवस पर हुआ सुंदरकांड पाठ, श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

June 16, 2026 1:48 PM0 commentsViews: 123
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गोविंद माधव समेत अनेक गणमान्य नागरिकों व श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

 

अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। मुख्यालय स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में सोमवार को कैंची धाम के परम पूज्य श्री नीम करौली बाबा मंदिर स्थापना अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सुंदरकांड का श्रवण किया तथा प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ किया। पूरे मंदिर परिसर में जय श्रीराम, जय हनुमान और नीम करौली बाबा के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविंद माधव ने उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने ने कहा कि सुंदरकांड पाठ जैसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से भी धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।

आयोजन में प्रमुख रूप से संतोष श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, शिवदत्त अग्रहरि, पप्पू चौबे, महेश्वर अग्रहरी, शिव कुमार जायसवाल, शुभम श्रीवास्तव, विनोद बाजाज, अखंड प्रताप सिंह, देवेश मणि त्रिपाठी, सुरेंद्र श्रीवास्तव, संतोष कुमार कश्यप, श्रीश श्रीवास्तव, रजनीश उपाध्याय, पंकज पासवान, रमेश गुप्ता, रमेश मणि त्रिपाठी, अरुण प्रजापति, नितेश पांडेय, मनोरम पांडेय, सुधा त्रिपाठी, अश्वनी मिश्रा, अम्बालिका मिश्र, श्रद्धा मिश्रा, सरिता पाण्डेय, अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सुंदरकांड पाठ की पूर्णाहुति के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में आना-जाना लगा रहा। आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। धार्मिक आस्था और जनसहभागिता का यह आयोजन क्षेत्र में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा तथा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर गया।

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