10 साल से पत्नी से दूर हूं बच्चे नहीं हो पा रहे हैं- शिक्षक ने की सीएम योगी से गुहार

June 18, 2026 11:54 AM0 commentsViews: 274
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लखनऊ में ट्रांसफर के लिए धरने पर बैठे शिक्षक का छलका दर्द, कैमरे पर बताई अपनी समस्याएं

अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री जी 10 वर्ष हो चुके हैं, परिवार से दूर हूं। पत्नी दूसरे जनपद में और मैं दूसरे जनपद में तैनात हूं। 40 वर्ष उम्र हो चुकी है। बच्चे नहीं हो पा रहे हैं। दो बार आईवीएफ में 10 लाख रुपये खर्च किया उसमें भी कुछ भला नहीं हुआ। परिवार नहीं बढ़ेगा तो आगे क्या होगा? ये कहना है सिद्धार्थनगर जनपद में तैनात शिक्षक सतीश कुमार का। सतीश कुमार सहित सैकड़ों शिक्षकों ने निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय के शिविर कार्यालय पर बुधवार को वर्तमान अंतरजनपदीय स्थानानंतरण नीति में संशोधन की मांग को लेकर धरने पर हैं।

दंपती शिक्षक संघ की ओर आयोजित इस धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में गतिमान विशेष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति को अधिक व्यावहारिक और मानवीय बनाया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षकों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को ज्ञापन भी दिया है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान नीति के कुछ कड़े प्रावधान इसके मूल उद्देश्य की प्राप्ति में बाधक बन रहे हैं, जिससे विशेष परिस्थितियों से प्रभावित दंपती शिक्षकों को राहत नहीं मिल पा रही है।

इस बारे में दंपति शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में सेवारत दंपती शिक्षकों की संख्या काफी सीमित है। ऐसे में नीति की मानवीय भावना को देखते हुए उन्हें पीटीआर (छात्र-शिक्षक अनुपात) की बाध्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। शिक्षकों का तर्क है कि भविष्य में होने वाली नई शिक्षक भर्तियों और रिक्त पदों की पूर्ति की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए, वर्तमान पीटीआर को स्थानांतरण रोकने का निर्णायक आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।

 

संघ के प्रदेश महामंत्री रामराज गुप्ता ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों से शिक्षक परेशान हैं। उनके परिवार के सदस्य बीमार है व अन्य कई समस्याओ से जूझ रहे है मगर ट्रांसफर नीति में सुधार नही किया जा रहा हैं,

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