कपिलवस्तु महोत्सवः प्रशासन ने ठुकराया, युवाओं ने परम्परा को बचाया

December 29, 2016 6:28 PM0 commentsViews: 473
Share news

नजीर मलिक

35

सिद्धार्थनगर। जिले की सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक कपिलवस्तु महोत्सव को प्रशासन ने भले ही रद्द कर दिया हो, मगर जिले के उत्साही नौजवानों ने आगे बढ़ कर महोत्सव को आयोजित कर दिया और परम्परा की लाज रख ली। लोगों ने प्रशासन के इस फैसले की काफी अलोचना की है।

मिली जानकारी के मुताबिक कपिलवस्तु महोत्सव के रद्द होने की घोषणा के बाद जिला हेडक्वार्टर के सामाजिक कार्यो में रूचि रखने वाले युवाओं ने आखिरी क्षण में रूचि लेते हुए, इसे जारी रखने का फैसला किया और आज से ही तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारम्भ कर दिया। बताते चले कि तीन दिवसीय महोत्सव हर साल आज यानी 29 दिसम्बर से शुरू होता है।

आज क्या किया नौजवानों ने

मिली जानकारी के मुताबिक उत्साही युवाओं के लीडर और सामाजिक कार्यकर्ता धीरज गुप्ता के नेतृत्व में युवाओं ने एक जुट होकर जिला हेडक्वार्टर से लगायत कपिलवस्तु तक सभी बुद्ध प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया और सायं वृक्षारोपण किया। इन नौजवानों के इस कदम की प्रशंसा हो रही है। वृक्षारोपण में दिलशाद अमीर, अमित दुबे, अजय गौतम आदि मौजूद रहे।

कल के कार्यक्रम

इस संदर्भ में धीरज गुप्ता ने बताया कि जिले के स्थापना दिवस पर होने वाले तीन दिवसीय कपिलवस्तु महोत्सव के दूसरे दिन यानी शुक्रवार यानी कल 51 गरीबों को कंबल वितरण करेगा। इसके अलावा कपिलवस्तु में मुख्य स्तूप पर 501 दिये जलाये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि 31 दिसम्बर यानी शनिवार को पूराना पीडब्ल्यूडी डाक बंगले के पीछे कवि सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। धीरज गुप्ता ने बताया कि महोत्सव को रद्द किये जाने के बाद अंतिम क्षणों में इससे बेहतर व्यवस्था और नहीं हो सकती।

याद रहे कि प्रशासन ने चंदा वसूलने के बाद 29 दिसम्बर से शुरू होने वाले कपिलवस्तु महोत्सव को रद्द करने की घोषणा 28 तारीख की शाम को कर दी। ऐसे में समाजसेवी नौजवानों ने आनन–फनन में इस परम्परा को 12 घंटे के भीतर कायम रखने का काम कर जिले की सांस्कृतिक आबरू की लाज रख ली।

Leave a Reply