2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चार अप्रैल को दिल्ली में धरना
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। टीचर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (टीएफआई) के नेतृत्व में आगामी चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को पदाधिकारियों की एक बैठक हुई जिसमें शिक्षकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने और आंदोलन को प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।
जिला मुख्यालय स्थित शुभम पैराडाइज होटल में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता का निर्णय पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। कहा कि उस समय नियुक्ति प्रक्रिया में टीईटी की बाध्यता नहीं थी, ऐसे में पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर इसे लागू करना उनके अधिकारों का हनन है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों को अनावश्यक मानसिक दबाव में डालना उचित नहीं है। यह धरना प्रदर्शन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
बैठक में शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया। साथ ही शिक्षकों से संपर्क अभियान को तेज करने, आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।बैठक में अभय श्रीवास्तव, शिवाकांत दूबे,इन्द्रसेन सिंह, लालजी यादव, सुधाकर मिश्र, दिनेश सिंह, अरुण सिंह, रामशंकर पांडेय, आशुतोष उपाध्याय, अनिल पांडेय, सुशील सिंह, प्रमोद त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।





