भव्य कलश यात्रा के साथ शुरु हुआ सात दिवसीय श्रीराम कथा, नपा अध्यक्ष व विधायक हुए शामिल
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अवेद्यनाथ सभागार में आयोजित अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य और दिव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। कलश यात्रा के साथ कथा भी प्रारंभ हो गया। इस दौरान सदर विधायक श्यामधनी राही व नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव पूरे तन मन धन से मौजूद रहे।
कलश यात्रा की शुरुआत कथा स्थल से होकर हनुमानगढ़ी, सिद्धार्थ तिराहा होते हुए श्री सिहेंश्वरी देवी मंदिर पर जाकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और वातावरण जय श्रीराम, बजरंगबली की जय तथा हर-हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं कलश धारण कर शामिल हुईं। भक्ति गीतों की मधुर धुन पर वे पूरे उत्साह के साथ झूमती और नृत्य करती नजर आईं। पुरुषों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण बन गया।
शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रथ यात्रा रही, जिसमें कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री विराजमान रहे। उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, क्रीड़ा भारती गोरक्ष प्रांत के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार प्रजापति, वरिष्ठ समाजसेवी सत्य प्रकाश राही सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रमुख व्यवसायी मुरलीधर अग्रहरी, अजय कसौंधन, भीमचंद्र कसौधन, मिट्ठू कसौंधन, श्रीचंद्र कसौंधन, राणा प्रताप सिंह, श्रीप्रकाश, रवि अग्रहरी, इंद्रसेन सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
आयोजन समिति के शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, रजनीश उपाध्याय, शुभम श्रीवास्तव, संदीप जायसवाल, अनिल वर्मा, शेखर दास, सुनील त्रिपाठी, पप्पू चौबे, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता आदि ने यात्रा के सफल संचालन में अहम भूमिका निभाई। यात्रा के दौरान महिलाओं की व्यवस्था, उनके माथे पर तिलक लगाने तथा राम नाम का पटका पहनाने का कार्य डॉ. सीमा मिश्रा, आशा उपाध्याय, सुधा त्रिपाठी, कंचन श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, अंजली मौर्या, सुनीता जायसवाल, शीला जायसवाल, मोनी अग्रहरी, सोनू कसौंधन, धर्मा देवी, पूनम अग्रहरी, रीना अग्रहरी, माया जायसवाल, सुमन जायसवाल, सोनी, चंदा कसौंधन, सुदमा देवी, संगीता गुप्ता सहित अन्य महिलाओं ने बखूबी निभाया।
प्रभु श्रीराम के बाल्यकाल का भावपूर्ण वर्णन
अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव के प्रथम दिन अयोध्या धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम के प्रारंभिक जीवन काल का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने श्रीराम के जन्म, बाल्यकाल, उनके संस्कारों एवं मर्यादित जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने बचपन से ही आदर्शों का पालन कर समाज को दिशा दी। कथावाचन के दौरान संत शास्त्री ने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, सेवा और सत्य का प्रतीक है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके मधुर एवं ओजस्वी वचनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।





