जिले के अफसर भ्रष्ट, सीएम योगी को नहीं दिखाना चाहते सच्चाई-हेमंत चौधरी
— सरकार के सहयोगी दल के नेता ने जिले के सभी अफसरों को बेईमान बताया, — सारे अफसर की जांच जरूरी, सच छिपाने के लिए सीएम को रास्ता बदल कर लाया जा रहा़
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। प्रदेश सरकार की भागीदार पार्टी अपना दल एस के प्रदेश युवामंच अध्यक्ष हेमंत चौधरी ने जनपद के तमाम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनके जांच की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा है कि जिले के सभी अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं भ्रष्टाचार में लिप्त है। मुख्यमंत्री से विकास का सच छिपाने के लिए भांति भाति के हथकडे अपनाए जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान युवा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत ने कहा कि जिले में सीएम का दौरा संभावित है। इसके लिए उन्हें गोरखपुर के रास्ते लाया जा रहा है। जबकि उन्हें बस्ती के रास्ते लाया जाता तो वे यहां की सड़क की दुर्दशा देख लेते।
अपना दल नेता ने कहा कि जिले मुख्य मार्ग एन एच 233 को रात दिन एक कर गड्ढा भरा जा रहा है। जबकि इसके पहले यही अधिकारी कर्मचारी पैसा ना होने का रोना रो रहे थे। उन्होंने कहा कि अब कहां से आ गया पैसा, जिससे रातों दिन जेसीबी मशीनें और लेबर लगाकर सड़क की मरम्मत कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीएम को रेहरा गांव का निरीक्षण कराने के लिए वहां के स्कूल में रातोरात शौचालय बनवाया जा रहा है। इंटरलॉकिंग कराया जा रहा है। यह पैसे कहां से आ गए, इसकी जांच होनी चाहिए। यहां के अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने जिले के डीएसओ पर भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाया और कहा कि कोटेदारों को हर बोरे में से 8 से 10 किलो काट कर अनाज दिया जाता है। पता चला है कि यहां का खाद्यान्न पड़ोसी देश नेपाल में भेजा जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के 38 शिक्षकों को बर्खास्त करने के बाद भी आज तक मुकदमा नहीं किया गया। इसका साफ मतलब है कि पूरे मामले में अधिकारी संलिप्त हैं।
उन्होंने कहा कि वे इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री को देंगे। यहां के अफसर मुख्यमंत्री योगी जी का सिद्धार्थनगर का दौरा गोरखपुर के रास्ते कराना चाहते हैं, जबकि उन्हें बस्ती के रास्ते लाना चाहिए, ताकि सीएम साहब विकास का सच अपनी आंखों से देख सकें। मगर सच यह है कि सिद्धार्थनगर के भ्रष्ट अफसर मुख्यमंत्री को सच दिखाना नहीं चाहते हैं।