बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी गई है- सीए अयाज अंसारी
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। यह बजट टैक्स सिस्टम को सरल, तकनीक-आधारित और टैक्सपेयर्स के अनुकूल बनाने की दिशा में एक संतुलित प्रयास है, जिसमें आम करदाताओं और छोटे व्यवसायों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इनकम टैक्स के तहत नियमों को सरल बनाने की पहल सराहनीय है। ITR फाइलिंग की तारीखों को कई श्रेणियों में बांटकर टैक्स पेयर्स पर एक साथ पड़ने वाले दबाव को कम किया गया है, जिससे अनुपालन पहले की तुलना में अधिक सहज होगा।
उक्त बातें चार्टर्ड अकाउंटेंट अयाज अंसारी ने कहीं। उन्होंने रविवार को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गये बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने की बात कही है। बताया कि ओवरसेस (प्रवासी) शिक्षा एवं यात्रा पर TCS को 2% तक सीमित करना एक सकारात्मक कदम है, जिससे विदेश से जुड़े खर्चों पर अनावश्यक टैक्स बोझ कम होगा। व्यक्तिगत उपयोग की कुछ वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में कटौती से आम उपभोक्ताओं को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सीए श्री अंसारी ने कहा कि रिवाइज (संशोधित) ITR को अब 31 मार्च तक फाइल करने की अनुमति देना एक व्यवहारिक निर्णय है। नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न संशोधन का अवसर मिलने से टैक्सपेयर्स को अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने का पर्याप्त समय मिलेगा। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए आटोमेटेड निल प्रमाण पत्र की व्यवस्था टैक्स प्रशासन को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे TDS, कागजी कार्रवाई और विभागीय प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानियां कम होंगी।
वहीं, शेयर बाजार के संदर्भ में F&O सेगमेंट में Securities Transaction Tax (प्रतिभूति लेनदेन) बढ़ाने का फैसला अल्पकाल में ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ा सकता है, जिसका असर सक्रिय ट्रेडर्स पर दिखाई देगा। हालांकि, यह कदम बाजार में अनुशासन और राजस्व संतुलन की दृष्टि से देखा जा सकता है। कुल मिलाकर, यह बजट टैक्स सिस्टम को सरल, तकनीक-आधारित और टैक्सपेयर्स के अनुकूल बनाने की दिशा में एक संतुलित प्रयास है, जिसमें आम करदाताओं और छोटे व्यवसायों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।





