श्रीराम कथा: भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का वर्णन सुन भाव विभोर हुए श्रोता

March 21, 2026 7:25 PM0 commentsViews: 73
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अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। शहर स्थित नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अवेद्यनाथ सभागार में आयोजित अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर, ओजस्वी और संगीतमयी वाणी के माध्यम से सती प्रसंग एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कथा की शुरुआत से ही सभागार में उपस्थित श्रद्धालु पूरी तरह तन्मय नजर आए। जैसे-जैसे कथावाचक ने सती के त्याग और भगवान शिव की विरक्ति का वर्णन किया, वैसे-वैसे श्रोताओं की आंखें नम होती दिखीं। वहीं शिव-पार्वती विवाह के दिव्य प्रसंग का वर्णन होते ही पूरा वातावरण उल्लास और भक्ति से भर उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो श्रद्धालु स्वयं उस पावन क्षण के साक्षी बन गए हों। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री की संगीतमयी प्रस्तुति और मधुर भजनों ने कथा को और अधिक जीवंत बना दिया। बीच-बीच में गूंजते हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया।

श्रोता पूरे समय भक्ति के रस में गोता लगाते रहे और कथा के प्रत्येक प्रसंग को आत्मसात करते नजर आए। कई श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते और प्रभु के नाम का स्मरण करते दिखे। कथावाचक के सहयोग में अंब्रीश नारायण पांडेय, ब्रम्ह्मानंद रामायणी, अगस्त मिश्र, शेखर दास की भूमिका अहम है। महोत्सव को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत मनीष शुक्ला, अध्यक्ष शिवदत्त अग्रहरि, महामंत्री नीरज श्रीवास्तव, संयोजक शुभम श्रीवास्तव, सह-संयोजक संदीप जायसवाल, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता सहित पप्पू चौबे, महेश्वर अग्रहरि, डॉ. अरूण कुमार प्रजापति, रजनीश उपाध्याय, विनोद बजाज, राणा प्रताप सिंह, अनिल वर्मा, सुनील श्रीवास्तव, श्रीश श्रीवास्तव और पंकज पासवान आदि की सक्रिय भागीदारी रही। बताते चले कि अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव के आगामी दिनों में भी विभिन्न दिव्य प्रसंगों का रसपूर्ण और आध्यात्मिक वर्णन किया जाएगा। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।

प्रबुद्धजनों में राम चरित मानस का वितरण हुआ
कार्यक्रम के दौरान प्रवचन सुनने पहुंचे प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को श्रीराम चरित मानस एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह आयोजन का विशेष आकर्षण रहा, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कथा के समापन पर भव्य आरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लेकर वातावरण को और अधिक दिव्य बना दिया। आरती के पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ ग्रहण किया।

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