भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र व परीक्षित मोक्ष प्रसंग
बृज की होली की मनमोहक प्रस्तुति, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। शहर के श्रीसिहेंश्वरी देवी मंदिर के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार की रात भक्ति, भाव और उल्लास के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित आलोकानंद दास ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता, त्याग और प्रेम का भावपूर्ण चित्रण किया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति और निष्कपट प्रेम से भगवान अपने भक्तों के कष्ट हर लेते हैं। इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इसके पश्चात परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने जीवन की नश्वरता और धर्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को मोक्ष की ओर अग्रसर करता है और जीवन को सार्थक बनाता है। कथा के समापन अवसर पर बृज की पारंपरिक होली का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने फूलों और रंगों के साथ होली खेली। भक्ति संगीत और भजनों की धुन पर पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे आयोजन में भक्तिभाव, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कथा के सफल आयोजन पर प्रसन्नता जताई। इस मौके पर नर्वदेश्वर सिंह, उर्मिला सिंह, शेखर सिंह, माधव सिंह, विनयकांत मिश्रा, सीमा मिश्रा, विवेक सिंह, रमेश सिंह, सौरभ पांडेय, सोनू सिंह, मार्कण्डेय सिंह, मनोज सिंह, ओम प्रकाश यादव, शिवदत्त अग्रहरि, नीरज श्रीवास्तव, राघवेंद्र यादव, रमेश गुप्ता, देव अग्रहरि आदि मौजूद रहे।





