मुमताज अहमद अपने पुराने घर बसपा में वापस, जिले की मुस्लिम राजनीति में हलचल

March 4, 2018 12:39 pm0 commentsViews: 2141

 

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। जिले के कद्दावर मुस्लिम नेताओं में शुमार मुमताज अहमद को बसपा में दुबारा शामिल कर लिया गया है। कल शाम उन्होंने लखनऊ में बसपा कार्यालय पर वरिष्ठ बसपा नेताओं के समक्ष पार्टी ज्वाइन की। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी प्रमुख से मुलाकात भी की। मुमताज अहमद के बसपा में वापसी से सिद्धार्थनगर जिले की मुस्लिम राजनीति में हलचल मच गई है।

सूत्रों के मुताबिक लगभग दो साल से बसपा से बाहर चल रहे मुमताज अहमद को कल लखनऊ बुलाया गया और उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलायी गई। दरअसल गत विधानसभा चुनावों से कुछ पूर्व कुछ मतभेदों के चलते वह पार्टी से अलग हो गये थे, लेकिन उन्होंने कोई दूसरा दल ज्वाइन नहीं किया था, उनकी इस राजनीतिक दूरदर्शिता का लाभ हुआ और पार्टी ने उनकी महत्ता के साथ पार्टी के प्रति निष्ठा का आंकलन करते हुए उन्हें ससम्मान लखनऊ बुला कर पार्टी में शामिल कर लिया।

बता दें कि मुमताज अहमद जिले के शोहरतगढ विधानसभा क्षे़ से तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं और तीनों बार उन्होंने अच्छी फाइट भी दिया। एक बार तो वह जीतते जीतते बहुत कम मतों से हारे। उनके पार्टी में वापस हाने से जिले के बसपा नेताओं में बहुत हर्ष है। इस बारे में खुद मुमताज अहमद का कहना है कि बसपा तब भी उनकी पार्टी थी, जब वे पार्टी में नहीं थे। सही वजह थी कि बसपा से अलग होकर भी मैने किसी दूसरी पार्टी का दामन नहीं थामा।

समाजवादी पार्टी के लिए चिंता का सबब

मुमताज अहमद के बसपा में आने से जिले के मुस्लिम मतदातों में बसपा का प्रभाव यकीनन बढेंगा। हालांकि वह समूचे जिले  के मुस्लिम मतदाताओं में प्रभाव रखते हैं, मगर शोहरतगढ़ और सदर विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाओं में अच्छी पकड़ है। मुमताज अहमद के दुबारा बसपा में आने से अगले लोकसभा चुनावों में पार्टी को मुस्लिम मतों का काफी लाभ होगा। समाजवादी पार्टी के लिए यह चिंता का विषय है। इस वक्त जिले में समाजवादी पार्टी से कोई भी कद्दावर मुस्लिम नेता नहीं है। एकमात्र बड़े नेता और पूर्व मंत्री मलिक कमाल यूसुफ विधानसभा चुनावों से पूर्व पार्टी को अलविदा कह चुके हैं।

मुस्लिम समाज में हलचल

मुमताज अहमद के बसपा में फिर आने से मुस्लिम समुदाय में काफी हलचल है। उनमें इस वक्त काफी जोश देखा जा रहा है। गत विधानसभा चुनावों में सपा द्धारा यहां किसी भी मुस्लिम को टिकट न दिये जाने से यह वर्ग सपा से काफी नाराज था।  अब एक और मुस्लिम नेता के बसपा में जाने से  मुस्लिम समाज में बसपा के प्रति स्थानीय स्तर पर लगाव बढेगा ऐसीा लोगों का मानना है। बसपा में दो विधानसभा क्षेत्र व लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी मुस्लिम ही है। अब मुमताज अहमद के बाद बसपा का प्रभाव मुस्लिम समाज में निश्चित रूप से बढ़ेगा।

  बधाइयों का तांता

मुमताज के बसपा में शामिल होने की खबर पाकर सुबह उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। उन्हें बधाई देने वालों में वजहुल कमर प्रधान, मनोज मित्तल, रविप्रकाश, मोबीन अहमद, मुश्ताक अहमद सहित सैकड़ों वर्कर उपस्थित रहे। मुमताज अहमद ने इन सभ्री का अभार व्यक्त किया है।

 

(2004)

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