पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय का एलान, बसपा नहीं छोडेंगे, भाजपा कर रही उनके खिलाफ साजिश

February 8, 2018 1:31 pm0 commentsViews: 1565

नजीर मलिक

” उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के पूर्व सभापति और बसपा नेता गणेश शंकर पांडेय बसपा का दामन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने अपने बारे में इस तरह की खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है। यह बातें  उन्होंने अभी अभी एक प्रेसे वार्ता के जरिये साफ की हैं और कहा है कि यह अफवाहें भाजपा के खेमे से फैलाई जा रही हैं।”

आज गोरखपुर में प्रेसवार्ता आयोंजित कर गणेश शंकर पांडेय ने मीडिया से कहा कि में बीजेपी में जाने की अफवाह भाजपा में बैठे  मेरे विरोधी ही डऋा रहे हैं। वह मेरी छवि को खराब करने के प्रयास में हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि वे चेहरे कौन हैं। गोरखपुर की राजनीति को जानने वाले बखूबी समझते हैं कि मै भाजपा में नहीं जा सकता। ऐसा करना आत्मघात होगा।

पूर्व सभापति पांडेय ने कहा कि वह राजनीति में सदा सामंती तत्वों, कमजोरों की आवाज रहे। हम सभी उनकी लड़ाई लड़ते रहे। भाजपा सरकार में भी मेरे विरोधी मुझसे पार न पाने की वजह से अब नये पैतरे पर उतर आये हैं, लेकिन जनता सच जानती है। मेरी छवि इस प्रकार की अफवाहों से नहीं खराब हो सकती है।

राजनीतिक विशलेषक कहते हैं

गोरखपुर की राजनीति के जानकार भी बताते हैं कि की गणेश शंकर पांडेय और उनके मामा यानी पूर्व मंत्री  पंडित हरिशंकर तिवारी के भाजपा में शामिल होने की बात निराधार है। विश्लेषकों का मत है कि गणेश् शंकर तिवारी और पंडित हरिशंकर तिवारी पूर्वांचल का सशक्त ब्राहमण चेहरा हैं और उनकी छवि योगी विरोधी की है। योगी की राजनीति के खिलाफ रहने वाली जनता उनकी जबरदस्त समर्थक है। ऐसे में वे भाजपा में जाने का जोखिम नहीं ले सकते।

गोरखपुर के जमुना तिवारी कहते हैं कि ऐसी अफवाहें फैला कर गणेश भइया और पंडी जी की छवि बिगाड़ने की कोशिश है। दोनों नेता अपने जनाधार को बखूबी पहचानते हैं। वह इस प्रकार का निर्णय कभी नहीं ले सकते। यह अफवाहें विरोधियों की हताशा का प्रतीक हैं।

 

 

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