भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत हुई हाई-लेवल बैठक
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों और तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में सीमावर्ती क्षेत्र की हरिवंशपुर चौकी परिसर में “ऑपरेशन कवच” के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पुलिस, एसएसबी और कस्टम विभाग के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया और सीमा पर सतर्कता बढ़ाने की रणनीति तैयार की।
संदिग्धों पर नजर रखने की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा केवल बलों के भरोसे नहीं, बल्कि जनभागीदारी से और मजबूत होती है। एएसपी ने लोगों से कहा कि यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
इन मुद्दों पर बना एक्शन प्लान
थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में सीमा पार से होने वाली निम्नलिखित अवैध गतिविधियों को सख्ती से रोकने पर गहन चर्चा हुई और संयुक्त रणनीति बनाई गई।
गो-तस्करी और मादक पदार्थ। सीमा के रास्ते होने वाली गो-तस्करी और ड्रग्स के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
ईंधन व खाद की तस्करी। नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचे जाने वाले पेट्रोल, डीजल और भारतीय खाद की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
शराब की अवैध आवाजाही। सीमावर्ती रास्तों से शराब की तस्करी पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है।
विभिन्न विभागों में दिखा गजब का तालमेल
”ऑपरेशन कवच” की इस बैठक की मुख्य विशेषता विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक विभागों का एक मंच पर आना रहा। बैठक में स्थानीय पुलिस, एसएसबी (SSB), कस्टम विभाग तथा अन्य खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने एक-दूसरे के साथ रियल-टाइम सूचनाएं साझा करने और संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने पर सहमति जताई, ताकि अपराधी किसी भी सूरत में बच न सकें।





