राप्ती व बूढ़ी राप्ती के कहर से सौ गांवों में मचा कोहराम,  सैकड़ों गांवों की बिजली ठप, नावों की मांग

October 12, 2022 2:48 PM0 commentsViews: 637
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सिरसिया पावर हाउस में पानी घुसे से सप्लाई रोकी गई, सौ से अधिक गांवों की बिजली आपर्ति ठप, हालात को बहाल करने में जुटा विभाग

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में हो रही भयानक वृद्धि से जिले के सौ से अधिक गांवों में कोहराम मच गया है। राप्ती जनदी का जल स्तर जहां लालनिशान से ५० सेमी फपर है, वहीं बूढीं राप्ती नदी खतर बिंदू से पौने दो मीटर ऊपर चली गई है। इससे तबाही की इबारत लिखना प्रारम्भ हो गया है। लोग गांव छोड़ कर अन्यत्र शरण ले रहे हैं। लगभग तन दर्जन गांव पानी से बुरी तरह घिरे हुए हैं। सिरसया पावरउस ठप हो गया है जिससे सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी है। इसी के साथ पलिस चौकी बिजौरा भी पानी में डूब गयी है।डुमरियागंज के विधायक व क्षेत्रीय सांसद ने नावों की व्यवस्था और राहत बचाव की प्रशासन से मांग की है।

डुमरियांगज में सैलाबी तबाही शुरू

राप्ती नदी की बाढ़ से डुमरियागंज तहसील के विद्युत उपकेंद्र सिरसिया में पानी घुसने से मंगलवार दोपहर से विद्युत उपकेंद्र कठोतिया रामनाथ क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई। विभाग ने बिस्कोहर व सोहना फीडर को बंद कर दिया है। फीडरों के बंद होने से बिस्कोहर, बेलवा, डेगहर, परसोहन, इमिलिया, लमुईया, बुड्ढी, संग्रामपुर, मुडिला मिश्र, मुड़िला चंदनराय, हरिबंधनपुर, खरीकवा, मूसा, सोहना, त्रिलोकपुर, बड़हरा विशुनपुर, गौरा बड़हरी, फुलपुर राजा, डोकम अमया, कमसार, पिपरा हबीबपुर, कठोतिया, महादेव नंगा, नावडीह गांव के करीब दस हजारों घरों की बिजली गुल हो गई है। जेई सिद्धार्थ शंकर गुप्ता ने कहा कि डुमरियागंज केंद्र में पानी भर जाने से विद्युत आपूर्ति अग्रिम आदेश तक बाधित कर दी गई है, कहा कि इटवा से विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व विधायक राघवेन्द्र सिंह ने बाढ़ प्रभावित भनवापुर ब्लॉक के वीरपुर, ऐहतमाली, वीरपुर, पिकौरा, भरवटिया बाजार, भरवटिया मुस्ताहकम आदि गांवों के बाढ़ पीड़ितों का जाना। उन्होंने उपजिलाधिकारी से जरूरतमंदों को तत्काल नावें उपलब्ध कराने को कहा है। जबकि विधायक सैयदा खतून ने कहा कि सैलाब बढ़ता जा रहा है और प्रशासन बेखबर बना हुआ है।

इटवा क्षेत्र में भी कोहराम की हालत
खबर है कि तरफ राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी के ऊफान के चलते इटवा तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर, दखिन्हवा, जानकीनगर, सिंगारजोत, साहिबगंज, सफीपुर, परसोहिया तिवारी, गागापुर, मनिकौरा और डुमरियागंज क्षेत्र के विशुनपुर, औरंगाबाद, जुड़िकुइया, खंता, वेतनार मुस्तहकम, सेखुई सेनापति, केशवाजोत, जहदा मुस्तहकम, रमवापुर जगतराम, पिपरा कानूनगो गांवों के कई घर में पानी भर गया है। गांव एवं रास्ते पर पानी भरने से ग्रामीणों को सांसत झेलनी पड़ रही है। वेतनार गांव के पांच हजार आबादी को रसोई गैस के लिए 10 किलोमीटर दूर एचपी गैस सर्विस रमवापुर राउत जाना पड़ रहा है।

इसी प्रकार सदर तहसील में भी दोनों नदियों के साथ कूड़ा और घोघा नदी ने भी कोहराम मचा रखा है।जिसके चलते चनरैया, देहलहवा, ताल नटवा, तालघिरौना, मारूखर, बंगरा, रीवांए मजगवां आदि दर्जन भर गांवों की हालत बहत खराब है। लोग अपने घरों कैद होकर रह गये हैं। लगभग 50 हेक्टेयर फसलों के जलमग्न होने का अनुमान है। धान की अगैती फसल बरबाद हो चुकी हैं। कुछ लोग गांवों से निकल कर दूसरे  स्थानों पर चले गये हैं। पशुओं के चारे का भी अभाव हो गया है। क्षेत्र के सांसद जगम्बिका पाल ने बिजौरा क्षेत्र का दौरा करने के बाद  जिला प्रशासन से राहत वितरण व नावों की व्यवस्था की मांग की है।

जिलाधिकारी ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा

दूसरी तरफ  प्रशासन ने दावा किया है कि उसकी हालात पर पूरी नजर है। स्वयं धिकारी अधीनस्थों के साथ बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों को दौरा कर रहे है। बताया गया है कि जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कल सदर विकास खंड के संगल दीप, अमरिया टड़िया आदि गाAवों का दौराकिया तथा हालात का जायजा लेते हुए बाढ़ प्रभावित गांवों में स्टीमर की व्यवस्था करने के साथ अफसJKरें को अन्य व्यवस्था करने की भी निर्देश दिया।

 

 

 

 

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