नेपालः कृष्णानगर में दंगे से हो सकता है भारतीय क्षेत्र का बढ़नी कस्बा भी संवेदनशील

November 2, 2019 2:02 pm0 commentsViews: 366

— सामाजिक कार्यकर्ता मो. इब्राहीम बाबा को घंटों हिरासत में रखने के बाद रिहा किया गया

   उपनगर बढ़नी में उत्पात मचा सकते हैं उपद्रवी, इसलिए पुलिस को रखनी होगी गहरी नजर

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। भारत के उपनगर बढ़नी से सटे नेपाल के कृष्णानगर में हुए दंगे ने एक युवक की जान लेने व लगग एक दर्जन लोगों को घायल कर देने के बाद शान्त होना शुरू कर दिया है। लेकिन दुर्भाग्य ये उस दंगे की तपिश भारत के बढ़नी कस्बे में भी महसूस की जाने लगी है। कल कस्बे में कुछ नेपाली और स्थानीय युवकों के बीच झड़प हुई और गंभीर समाज सेवी व प्रदेश वाली बाल एसोशिएशन के के सचिव को हिरासत मे ले लिया गया। हालांकि देर शाम उन्हें पुलिस ने रिहा भी  कर दिया, मगर कस्बे में अभी भी अवांछित गातिविधियों की खबरें हैं। इसलिए पुलिस को कस्बे में कड़ी निगाह प सुरक्षा रखनी होगी।

बताया जाता है कि शुक्रवार की दोपहर नेपाल के कृष्णानगर से बढ़नी में अब्दुल कासिम, याकूब,  अबू शहमा व दो अन्य कुछ खरीदारी करने आये थे। वहां पर उनकी बढ़नी कस्बे के  कुछ युवकों से झड़प हो गई। बताते हैं इस दौरान इब्राहीम बाबा ने बीच बचाव किया और कृष्णानगर से आये लड़कों को अपनी शरण में लेकर बढ़नी चौकी को खबर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने इब्रहीम बाबा को हिरासत में ले लिया। हालांकि उनको देर शाम छोड़ भी दिया गया। लेकिन अभी भी बढ़नी में एक संगठन के लोग इब्रहीम बाबा की गिरफ्तारी के लिए प्रयास में लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को नेपाली कस्बे कृष्णानगर में साम्प्रदायिक झड़प हुइ्र थी, जिसमें भरतीय क्षेत्र के बढ़नी कस्बे के सूरज नामक एक युवक की पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। इससे बढ़नीवासियों में आक्रोश था। और शुक्रवार को नेपाली लड़कों को देख कुछ युवाअों का गुस्सा भड़क उठा।

यहा यह भी उल्लेनीय है कि विगत के कुछ मौकों पर बढ़नी साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील भी रहा है। कई बार यहां झउ़पें भी हुई हैं। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो बढ़नी टाउन में पुलिस को गहरी नजर रखना जरूरी हो जाता है। यही नहीं उसको सीमा पार के उपद्रवियों पर निगाह रखनी होगी ताकि बढ़नी का अमन चैन बरकरार रखा जा सके।

 

 

 

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