डायट बांसी मे भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित सेमिनार संपन्न
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बांसी में भारतीय ज्ञान प्रणाली का महत्व एवं आधुनिक शिक्षा में समावेशन विषयक शैक्षिक सेमीनार उमेश कुमार त्रिपाठी उपशिक्षा निदेशक/ प्राचार्य डायट के संरक्षण व लालजी कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ प्रवक्ता के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। शैक्षिक सेमीनार में मुख्य वक्ता डॉ. हंसराज, सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक-शिक्षा विभाग, रतन सेन डिग्री कॉलेज बांसी, सिद्धार्थनगर रहे।
डॉ हंसराज ने भारतीय ज्ञान प्रणाली की मूल परंपरा और उसके महत्व पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए बताया कि प्राचीन भारतीय शैक्षिक प्रणाली ज्ञानात्मक विकास के साथ साथ चरित्र निर्माण पर बल देती थी। हमारे प्राचीन विश्वविद्यालयों में विश्व के तमाम देशों के विद्यार्थी अध्ययन करने आते थे तथा अपना समग्र विकास करते थे। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली के अंतर्गत चिकित्सा, योग दर्शन आदि पर प्रकाश डालने के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, बौद्ध दर्शन साहित्य और शिक्षा-संस्कार के मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की।
सेमिनार में परिषदीय शिक्षक हिमांशु द्विवेदी, दीपशिखा, बालगोविंद पटेल, अनिरुद्ध मौर्य व प्रशिक्षु दीप्शी अग्रहरि ने अपना लेख प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समन्वयन डायट प्रवक्ता अनुराग कुमार श्रीवास्तव, संचालन बद्रीनाथ त्रिपाठी व धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस ने किया। इस अवसर डायट प्रवक्ता श्रवण कुमार, मंजुला यादव, धर्मेंद्र कुमार, डाॅ प्रतिभा सिंह, महेंद्र कुमार यादव, फुरकान अहमद, एस आर जी अंशुमान सिंह, समस्त ए आर पी व डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।





