जिपं अध्यक्ष: भाजपा की शीतल सिंह की रफ्तार के आगे सपा की पूजा यादव पीछे, सपाइयों की चिंता बढ़ी

June 29, 2021 3:03 PM0 commentsViews: 1991
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*करीब 30 से 32 जिला पंचायत सदस्यों से सपा प्रत्याशी का नहीं हो पा रहा संपर्क।

*सिर्फ आकड़ों में जीत रही है सपा, हकीकत कुछ और।

 

अजीत सिंह

सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा भाजपा की सीधी लड़ाई में भाजपा प्रत्याशी शीतल सिंह पत्नी उपेंद्र प्रताप सिंह की रफ्तार के आगे सपा प्रत्याशी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूजा यादव पत्नी रामकुमार उर्फ चिनकू यादव की चाल धीमी पड़ गई है। सपा पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है। हलांकि आकड़ो के हिसाब से कुल 45 सदस्यों में से भाजपा के 8 सदस्य और सपा के 18 जिला पंचायत सदस्य जीते हैं। फिर भी शीतल सिंह के पति उपेंद्र प्रताप सिंह के लड़ाकू जज्बे (रफ्तार) के आगे पूर्व जिपं अध्यक्ष पूजा यादव के पति चिनकू यादव काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा 03 जुलाई को जिले के प्रथम नागरिक का ताज बांधने के लिए तारिख मुकर्रर किया गया है। बतादें कि पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण सूची में सामान्य महिला सीट जारी होते ही इस कुर्सी पर काबिज होने के लिए भाजपा नेता उपेंद्र प्रताप सिंह के अंदर जबरजस्त ललक दिखी और उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्ष गोविंद माधव सहित पूरी कार्यकारिणी, सांसद, मंत्री व विधयकों के टच में आ गए। उन्होंने व्यक्तिगत सपंर्क की रफ्तार इतनी तेज कर दी कि पार्टी ने जिले के मजबूत दावेदार मेहनती हरिशंकर सिंह की जिंदगी भर के जुझारू तेवर को दरकिनार कर उनकी पत्नी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
जिले में विपक्ष की तगड़ी राजनीति करने वाले डुमरियागंज विधानसभा के पूर्व सपा प्रत्याशी रामकुमार उर्फ चिनकू यादव की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूजा यादव ने भी अपने क्षेत्र से सदस्य का चुनाव जीतीं। यही नहीं इनके साथ पार्टी के 18 सदस्यों भी जीत गए मगर सदस्यों से जनसंपर्क में हुई कमी कारण इनकी अध्यक्ष पद की रेस पीछे दिखने लगी है। जाहिर है सपा के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है।
बाहरहाल जिले के राजनीतिक समाज में चर्चाएं प्रारंभ हो गई हैं कि अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर शीतल सिंह का कब्जा हासिल करने की रफ्तार बहुत आगे बढ़ चुकी है और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूजा यादव पत्नी चिनकू यादव सहित पूरी समाजवादी पार्टी इस रेस में पिछड़ चुकी है। चूंकि सपा के विश्वस्त सुत्रों का कहना है कि करीब 30 से 32 जिला पंचायत सदस्यों से किसी भी प्रकार से सम्पर्क ही नहीं हो पा रहा है। वे लोग न तो अपने घर हैं और न ही मोबाइल पर बात हो पा रही है। फिलहाल अब तीन जुलाई को मतदान के बाद काउंटिंग होगी और कौन कितने वोट से जीतेगा तभी स्पस्ट होगा।

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