अस्पताल के लाइसेंस के लिए सीएमओं ने मांगे थे 5 लाख, संचालक ने दिया केवल डेढ़ लाख

September 7, 2023 1:05 PM0 commentsViews: 579
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अस्पताल संचालक ने जांच कमेटी के समक्ष बयान में किया रिश्वत मांगने का खुलासा, लेकिन सीएमओ ने किया रिश्वत मांगने से इंकार

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर।सीएमओ एवं दो डिप्टी सीएमओ और निजी अस्पताल के संचालक के बीच लेन-देन की बातचीत की वीडियो वायरल होने के मामले में दो स्तर पर जांच चल रही है। हालांकि, चार दिन बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस मामले में बुधवार को हुए बयान में निजी अस्पताल के संचालक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच अधिकारी ने कुछ भी कहने से इन्कार दिया है, जबकि लिखित बयान की प्रति मिलने से पता चला कि अस्पताल संचालक ने आरोप लगाया है कि अस्पताल का लाइसेंस देने के लिए सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने उससे पांच लाख रुपये मांगे थे, जबकि सीएमओ ने रिश्वत मांगने एवं लेने की बात को गलत एवं निराधार बताया है।

वीडियो वायरल होने के मामले में जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जांच समिति गठित की है, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार जांच अधिकारी हैं। पता चला कि निजी अस्पताल के संचालक ने बुधवार को जांच अधिकारी के समक्ष लिखित बयान प्रस्तुत किया, जिसमें उसने कहा कि सीएमओ ने निजी अस्पताल के पंजीयन के लिए उससे पांच लाख रुपये मांगे थे और उसने दो बार में डेढ़ लाख रुपये दिए थे, जिसमें नोडल अफसर की मध्यस्थता थी, जबकि इसके पहले डिप्टी सीएमओ डॉ. बीएन चतुर्वेदी लेन-देने के मामले में अपनी मध्यस्थता को स्वीकार कर चुके हैं।

एएसपी ने शुरू की जांच

सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक अभिषेक अग्रवाल को तहरीर देकर डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएम त्रिपाठी एवं डॉ. बीएन चतुर्वेदी के खिलाफ केस दर्ज करने का आवेदन किया है। इस मामले में एएसपी सिद्धार्थ ने जांच शुरू की है। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएमओ से पूछताछ की है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार तय होगा कि केस दर्ज होगा या नहीं।

सीएमओ लखनऊ में

उल्लेखनीय है वर्तमान में चल रहे घटनाक्रम के मद्दे नजर सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल दो दिन से लखनऊ में हैं, जबकि सीएमओ डॉ. बीएन चतुर्वेदी एवं डॉ. एमएम त्रिपाठी बुधवार को तीन-तीन दिन के अवकाश पर चले गए। सीएमओ कार्यालय में इस अवकाश की चर्चा होती रही। प्रभारी सीएमओ डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि दोनों डिप्टी सीएमओ तीन-तीन दिन अवकाश पर हैं।

विधायक ने प्रमुख सचिव को भेजी चिट्ठी, तीनों अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग

स्वास्थ्य विभाग में लेनदेन का वीडियो वायरल होने के बाद से ही शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा की सक्रियता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यदि रिश्वत का मामला है तो जो भी आरोपी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि जिले में धड़ल्ले से चल रहे बिना मानक के अस्पतालों के कारण तीन महिला मरीजों की मौत हो गई थी। इस मामले में उन्होंने डिप्टी सीएमओ ब्रजेश पाठक को जानकारी दी तो स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों व जांच सेंटरों की जांच में तेजी लाई और 11 अस्पतालों व जांच सेंटरों को सील करना पड़ा। अब जांच करने वाले अधिकारियों की जांच में देरी व लापरवाही हो रही है तो इसमें देर नहीं होनी चाहिए।
विधायक ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा को पत्र भेजकर जल्द ही जांच पूरी करने के कार्रवाई करने की बातें की है।उन्होंने लिखा है कि डीएम ने सीडीओ को सात दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया। तीनों आरोपी अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन पांच दिन बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है, जबकि गंभीर एवं संवेदनशील मामले की जांच में तेजी आ रही है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया है कि जांच में शिथिलता बरती जा रही है। विधायक ने कहा कि सबसे पहले तीनों अधिकारियों का जिले स्थानांतरण होना चाहिए। उसके बाद जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट की जानकारी उन्हें भी दी जाए।

 

 

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