डायट बांसी में शैक्षिक नवाचार विषयक कार्यशाला संपन्न

March 30, 2026 8:01 PM0 commentsViews: 54
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अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बांसी में शिक्षा में नवाचार एवं शोध का महत्व विषयक शैक्षिक सेमिनार उमेश कुमार त्रिपाठी उपशिक्षा निदेशक/ प्राचार्य डायट के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। सेमिनार को संबोधित करते हुए डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता लालजी पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान को रटना नहीं है, बल्कि यह वह माध्यम है जो विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है।

वर्तमान तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति के युग में, शिक्षा का स्वरूप लगातार बदल रहा है। इस बदलते परिवेश में, नवाचार और शोध शिक्षा की आत्मा बन गए हैं। नवाचार शिक्षा को बोझिल और उबाऊ बनाने के बजाय, आनंदमयी और आकर्षक बनाता है। शैक्षिक सेमीनार में मुख्य वक्ता डॉ. हंसराज, सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक-शिक्षा विभाग, रतन सेन डिग्री कॉलेज बांसी, सिद्धार्थनगर रहे।

डॉ हंसराज ने शिक्षा में नवाचार एवं शोध का महत्व विषय पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए नवाचारी शिक्षण विधि ब्रेनस्टोर्मिंग तथा कोपरेटिव लर्निंग के अंतर्गत जिग्सा विधि पर चर्चा करने के साथ ही जिग्सा विधि आधारित गतिविधि को भी कराया। उन्होंने बताया कि नवाचार और शोध निरंतर सीखने की इच्छा पैदा करते हैं जिससे हम सब जीवन भर नई नई चीजें सीखते रहते हैं ‌।

कार्यक्रम का समन्वयन डायट प्रवक्ता अनुराग कुमार श्रीवास्तव, संचालन बद्रीनाथ त्रिपाठी व धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस ने किया। इस अवसर डायट प्रवक्ता श्रवण कुमार, मंजुला यादव, धर्मेंद्र कुमार, डाॅ प्रतिभा सिंह, महेंद्र कुमार यादव, फुरकान अहमद के साथ ही जनपद के समस्त ब्लाॅकों से आए हुये शिक्षक व डीएलएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

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