Exclusive- एक बार मौत को हरा चुका प्रदीप इस बार पत्नी समेत मौत से हार गया
— पति पत्नी ने एक साथ तोड़ा दम, सात साल की बेटी हुई अनाथ,
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। कुछ साल पहले प्रदीप ने एक दुर्घटना में मौत को हरा दिया था। इसके बाद उसमें और भी हिम्मत आ गई थी, लेकिन मौत तो मौत है। फिल्मी हीरो सा दिखने वाला नौजवान शिक्षक आखिर बीती रात मौत से हार गया। दुर्घटना में उसके साथ उसकी पत्नी सोनम की भी जान चली गई। 36 साल के प्रदीप की मौत से शिक्षकों में बेहद शोक है। प्रदीप जिले के उसका बाजार कस्बे का निवासी था। उसकी सात साल की एक बेटी भी है, जो अब अनाथ हो गई है।
दरअसल प्रदीप के दोनो पैर नहीं थे। 15 साल पहले एक ट्रेन दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुआ था, मगर वह मौत से लड़ कर बच निकला था। इस दुघर्टना में उसके दोनों पैरों को काटना पड़ा था। उसके बाद वह नकली पैरों के सहारे थोड़ा बहुत चल लेता था। यह अलग बात है कि दोनों पैर न होते हुये भी वह बहत अच्छा कार चालक था। वह प्रति दिन 25 किमी दूर जोगिया ब्लाक के लखनापार प्राइमरी स्कूल भी खुद कार ड्राइव करके जाता था। मगर कार चलाने के इसी शौक में उसकी जान भी गई।
घटना के बारे में बताया जाता है कि प्रदीप तीन दिन पूर्व अपने कृतिम पैर को बदलवाने के लिए पत्नी के साथ कानपुर गया था। वहां पर उसका पैर बदला गया। कल वह सायं वह पत्नी सोनत के साथ्र कानपुर से सिद्धार्थनगर आ रहे थे। रात में करीब 11 बजे वह फैजाबाद के करीब पहुंचा ही था कि उसकी कार असंतुलित होकर एक ट्रक से जा टकराई, फलतः पत्नी समेत उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अनुमान है कि उसके नकली पैर की फिटिंग सही न होने पर वह वक्त पर ब्रेक नही लगा पाया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
प्रदीप किसी फिल्मी हीरो की मानिंद स्मार्ट था। वह जिंदादिल ही नहीं हद से ज्यादा साहसी भी था। पैर कटने के बाद भी उसने हार नहीं मानी और शिक्षाक बन कर अपने परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी निभाता रहा। इस घटना के बाद उसकी बच्ची का भविष्य क्या होगा, उसके बूढे मां बाप को सहारा कौन देगा, यह एक बड़ा सवाल है।





